विनय शंकर तिवारी ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना:बोले- निडर होकर करें मतदान; 2027 में सपा सरकार बनी तो शिक्षकों का होगा सम्मान

Oct 22, 2026 - 17:14
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विनय शंकर तिवारी ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना:बोले- निडर होकर करें मतदान; 2027 में सपा सरकार बनी तो शिक्षकों का होगा सम्मान
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव से पहले सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने शिक्षकों और मतदाताओं से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील की। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और अधिकारियों के माध्यम से शिक्षकों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। विनय शंकर तिवारी ने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माता है। उसे किसी दबाव में आए बिना निर्भीक होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा शिक्षकों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर संघर्ष करती रही है। प्रदेश में शिक्षक वर्ग कई समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन भाजपा सरकार ने शिक्षकों के मानदेय, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और दूसरी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि सपा की सरकार बनने पर शिक्षकों के हित में फैसले लिए जाएंगे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने वादों को पूरा करेंगे। सपा सरकार बनी तो शिक्षकों को मिलेगा सम्मानजनक मानदेय विनय शंकर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में बेहद कम मानदेय पर पढ़ाने वाले शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है। 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर मानदेय शिक्षकों को उनकी योग्यता के अनुसार सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का भी वादा किया। कहा कि सपा की सरकार बनने पर ओपीएस की बहाली पहला वादा होगा। उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु में अंतर का मुद्दा भी उठाया। विनय शंकर तिवारी ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है, जबकि उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में यह 62 वर्ष है। सपा की सरकार बनने पर राज्य विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु भी 65 वर्ष करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। बोले- लोकतंत्र बचाने के लिए शिक्षक डरें नहीं चुनाव से ठीक पहले शिक्षकों से अपील करते हुए विनय शंकर तिवारी ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को समाप्त करने का प्रयास कर रही है और अधिकारियों के माध्यम से लोगों को डराने-धमकाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से बिना किसी दबाव के निष्पक्ष मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, "शिक्षक सृजनकर्ता है और लोगों के भविष्य का निर्माता है। अगर शिक्षक ही डर जाएगा तो लोकतंत्र कैसे मजबूत होगा? शिक्षक निडर होकर मतदान करें और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के पक्ष में वोट दें।" उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती इसी में है कि उसमें परिवर्तन की गुंजाइश हो और हर वर्ग को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता मिले। उनके मुताबिक, शिक्षक वर्ग की भूमिका केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में भी उसकी अहम भूमिका है। 'पीड़ित कोई भी हो सकता है, वही PDA है' सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के चुनाव में उतरने से पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण और पंडित समाज के जुड़ाव को लेकर पूछे गए सवाल पर विनय शंकर तिवारी ने कहा कि पीड़ित का मतलब केवल किसी एक जाति या वर्ग से नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित भी पीड़ित हो सकता है और समाज के दूसरे वर्गों के लोग भी पीड़ित हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "पीड़ित कोई भी हो सकता है। पंडित भी पीड़ित है और समाज के अन्य लोग भी पीड़ित हैं। जो भी पीड़ित है, वह पीडीए है।" विनय शंकर तिवारी ने दावा किया कि प्रदेश के हर वर्ग, धर्म और जाति के लोगों, खासकर युवाओं में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को लेकर उत्साह है। उन्होंने कहा कि पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस करने वाला समाज अब बदलाव चाहता है और 2027 में सपा की सरकार बनाने के लिए एकजुट हो रहा है। भाजपा के एमएलसी के सपा के संपर्क में होने के सवाल पर बोले- उनसे पूछिए बातचीत के दौरान भाजपा के कुछ एमएलसी के अंदरखाने सपा के समर्थन में होने और भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर विनय शंकर तिवारी ने कहा कि देवेंद्र सिंह पहले समाजवादी पार्टी में थे और दोबारा पार्टी में आते हैं तो यह कोई नई बात नहीं होगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसे देवेंद्र प्रताप सिंह की घर वापसी माना जाए, तो उन्होंने कहा, "यह तो आप उनसे पूछिए। अभी तो हमारे पास आए हैं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में सभी लोगों के अपने दायित्व होते हैं। कोई एक व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं होता, बल्कि विचारधारा महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक प्रणाली से चलने वाली पार्टी है। 2027 में भाजपा से मुक्ति और भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा विनय शंकर तिवारी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर अहंकार और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि थानों, ब्लॉक कार्यालयों और अस्पतालों समेत विभिन्न जगहों पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। सपा की सरकार बनने पर लोगों को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने और आम जनता के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया जाएगा। 'पाठशाला अधिक होनी चाहिए या मधुशाला?' प्रदेश में शराब की दुकानों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर विनय शंकर तिवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी उन्नत समाज में पाठशालाएं अधिक होनी चाहिए, न कि मधुशालाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मधुशाला के जरिए समाज का निर्माण करना चाहती है, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि समाज का निर्माण शिक्षा, संस्कार और बेहतर भविष्य के अवसरों से होता है। इसलिए सरकार को शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की समस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। चुनाव से पहले सपा का शिक्षकों पर फोकस शिक्षक एमएलसी चुनाव से ठीक पहले विनय शंकर तिवारी के बयान में शिक्षकों की पुरानी पेंशन, मानदेय, सेवानिवृत्ति आयु और सम्मान जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील करते हुए इस चुनाव को लोकतांत्रिक मूल्यों और 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक दिशा से भी जोड़ने की कोशिश की।

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