विश्वनाथ धाम में मनाया गया अक्षयवट हनुमान का जन्मोत्सव:51 किलो लड्डू का लगा भोग, संकटमोचन मंदिर में भी उमड़े श्रद्धालु
हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान का जन्मोत्सव बेहद भव्यता और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने और बजरंग बली के अलौकिक रूप के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। संधिकाल में विशेष पूजन और महाभिषेक
मंदिर के सेवादार सतीश गिरी ने बताया - शनिवार की मध्यरात्रि को नरक चौदस (रूप चतुर्दशी) और अमावस्या के पावन संधिकाल में हनुमान जी का विशेष पूजन-अर्चन शुरू हुआ। इस शुभ लग्न में हनुमत लला को सर्वप्रथम दूध, दही, घी, शहद और चीनी के पंचामृत से दिव्य स्नान कराया गया। इसके बाद परंपरा के अनुसार बाबा की प्रतिमा पर तेल और सिंदूर का विशेष लेपन किया गया। सुगंधित पुष्पों से भव्य शृंगार और महाआरती
उन्होंने बताया - महाभिषेक के बाद मारुति नंदन को नूतन वस्त्र धारण कराए गए। इसके बाद बेला, तुलसी, गेंदा और कुंद जैसे सुगंधित फूलों की मालाओं से बाबा का भव्य शृंगार किया गया। इस अवसर पर अक्षयवट हनुमान को 51 किलो लड्डू के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के मिष्ठान और मौसमी फलों का महाभोग लगाया गया। रविवार की अलसुबह (भोर में) शृंगार आरती के बाद मुख्य महंत रमेश गिरी ने बाबा की भव्य महाआरती संपन्न की। इसके तुरंत बाद भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा परिसर 'जय श्री राम' और 'जय बजरंग बली' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मंदिर प्रशासन और सेवादारों की ओर से सतीश गिरी व अंकित मिश्रा ने उपस्थित सभी भक्तों में बाबा का पवित्र प्रसाद वितरित किया। संकटमोचन मंदिर में हो रहे झांकी दर्शन
काशी के प्रसिद्ध संकटमोचन में भी श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन को पहुंच रहे हैं। संकटमोचन मंदिर में आज बाबा के झांकी दर्शन कराए जा रहे हैं। भक्त सुबह से ही दिवाली के पावन पर्व पर उनके दर्शन कर रहे हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)