यूपी की बड़ी खबरें:गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी समेत सस्पेंड, शराब की अवैध बिक्री और वसूली की शिकायतें मिली थी, जांच के बाद कार्रवाई

Oct 31, 2026 - 09:45
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यूपी की बड़ी खबरें:गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी समेत सस्पेंड, शराब की अवैध बिक्री और वसूली की शिकायतें मिली थी, जांच के बाद कार्रवाई
गाजियाबाद में शराब की अवैध बिक्री और वसूली की शिकायतों के बाद शासन ने जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार समेत तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में दो आबकारी इंस्पेक्टर चमन सिंह और अखिलेश सिंह भी शामिल हैं। आरोप है कि दोनों इंस्पेक्टर दूसरे राज्यों की शराब क्लब और बार तक पहुंचाने में मिलीभगत करते थे। इसके बदले अवैध रूप से वसूली की जाती थी। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार पर नाइट क्लबों और बार में बिना लाइसेंस शराब परोसने और दूसरे राज्यों की शराब की बिक्री रोकने में नाकाम रहने का आरोप है। जांच में भी विभाग में कई अनियमितताएं मिलीं थी। तत्कालीन डीएम ने रविंद्र कुमार ने जिला आबकारी अधिकारी और दोनों इंस्पेक्टरों को तलब कर फटकार लगाई थी। उन्हें चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों की शिकायतें शासन तक पहुंचती रहीं। आरोप है कि अवैध शराब की सप्लाई और वसूली के कारण राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। जिसके बाद शासन के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई है। संजय कुमार को निलंबन के दौरान प्रयागराज कार्यालय से अटैच किया गया है। मामले की जांच मेरठ के उप आबकारी आयुक्त करेंगे। यहां पढ़ें पूरी खबर प्रदेश में 13 टोल प्लाजा बैरियर फ्री होंगे, बिना रुके गुजरेंगे वाहन, फास्टैग से कटेगा टोल उत्तर प्रदेश से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों का सफर जल्द आसान हो सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाईवे पर स्थित 11 और हरियाणा सीमा पर स्थित 2 टोल प्लाजा को बैरियर फ्री करने जा रहा है। यहां मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल व्यवस्था लागू होगी। इसके बाद वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। NHAI पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित के मुताबिक, इन टोल प्लाजा को बैरियर फ्री करने का काम 9 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। कैमरे और सेंसर से कटेगा टोल नई व्यवस्था में टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होंगे। वहां लगे रेडियो फ्रीक्वेंसी उपकरण वाहन के फास्टैग को स्कैन करेंगे। हाईस्पीड AI कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़ेंगे। वहीं, ऑटोमैटिक क्लासिफिकेशन सेंसर (ATCC) वाहन की ऊंचाई, लंबाई और आकार के आधार पर उसकी श्रेणी की पहचान करेंगे। इससे तय होगा कि वाहन कार, बस या ट्रक है। रडार आधारित सेंसर वाहन की गति भी मापेंगे। इन उपकरणों की मदद से वाहन की पहचान कर उसके फास्टैग खाते से टोल की रकम काटी जाएगी। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। टोल नहीं दिया तो 72 घंटे में करना होगा भुगतान नई व्यवस्था में अगर कोई वाहन अमान्य फास्टैग के साथ या टोल चुकाए बिना निकलता है, तो वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर बकाया टोल चुकाना होगा। तय समय में भुगतान नहीं करने पर दोगुना शुल्क लग सकता है। इसके अलावा वाहन के फास्टैग, अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC), फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट को ब्लॉक या प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इन टोल प्लाजा पर लागू होगी व्यवस्था मेरठ-नजीबाबाद हाईवे (NH-119/नया NH-34): बिजनौर का भनारा और मेरठ का मवाना टोल प्लाजा। पानीपत-बिजनौर-नगीना हाईवे (NH-709-AD): मुजफ्फरनगर का मुजेहरा और शामली-मुजफ्फरनगर सीमा पर स्थित जगाहेड़ी टोल प्लाजा। हरियाणा के पानीपत में तामशाबाद टोल प्लाजा भी इस योजना में शामिल है। मेरठ-बुलंदशहर हाईवे: हापुड़ का कुराना टोल प्लाजा। दिल्ली-अक्षरधाम-सहारनपुर हाईवे (NH-709-B): बागपत का जीवना और शामली का दभेड़ी टोल प्लाजा। भिवानी-गढ़मुक्तेश्वर हाईवे (NH-709-A): शामली का पटनी प्रतापपुर और मेरठ का भूनी टोल प्लाजा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: मथुरा जिले की सीमा के पास हरियाणा के मेवात में स्थित किरंज टोल प्लाजा। दिल्ली-उत्तराखंड हाईवे (पुराना NH-58): मेरठ का सिवाया टोल प्लाजा। दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19): दिल्ली-फरीदाबाद सीमा पर मथुरा रोड स्थित बदरपुर-फरीदाबाद टोल प्लाजा। फिलहाल कहां है बैरियर फ्री टोल व्यवस्था? प्रदेश में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बैरियर फ्री टोल व्यवस्था शुरू की गई थी। हालांकि, उद्घाटन के बाद एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त होने के कारण टोल वसूली स्थगित कर दी गई थी। गोंडा में रिटायर्ड लेखा अधिकारी से 78 लाख ठगे, 1 महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा, बोला- PAK आर्मी चीफ से मिले हो गोंडा में रिटायर्ड लेखा अधिकारी को ठगों ने एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उनसे 78 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने खुद को CBI चीफ बताया। उन्होंने लेखा अधिकारी से कहा- तुम पाक आर्मी चीफ से मिले हो। तुमने देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां उनको दी हैं। CBI मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर तुम्हारी जांच कर ही है। लेखा अधिकारी ने 28 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे गोंडा साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना नगर कोतवाली क्षेत्र की है। पढ़ें पूरी खबर

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