विधान परिषद चुनाव 2026: यूपी में भाजपा की 4 सीटों पर जीत, वाराणसी में सपा का परचम
विधान परिषद चुनाव 2026 में उत्तर प्रदेश की चार सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई। बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी कई सीटों पर मुकाबला रोचक रहा। मतगणना के दौरान कुछ स्थानों पर अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 28 अक्टूबर 2026
देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद चुनाव के नतीजों और मतगणना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। 28 अक्टूबर की सुबह तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने चार सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि समाजवादी पार्टी को एक सीट पर सफलता मिली है। दूसरी ओर, कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी रहने के कारण मुकाबला अभी भी रोचक बना हुआ है।इन चुनावों में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला चर्चा में है, जबकि बिहार में जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल, जनसुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर नजर बनी हुई है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी कई सीटों पर अलग-अलग दलों के उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चार सीटों पर दर्ज की जीत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अब तक चार सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि समाजवादी पार्टी को एक सीट पर सफलता मिली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भाजपा के उमेश द्विवेदी, श्रीचंद शर्मा, दिनेश गोयल और हरि सिंह ढिल्लों ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की।प्रदेश की अन्य सीटों पर मतगणना के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की कांति सिंह बढ़त बनाए हुए थीं, जबकि झांसी में सपा के डॉ. मानसिंह यादव भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार राठौर से आगे चल रहे थे। इन सीटों पर अंतिम नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों और समर्थकों की निगाहें टिकी हुई थीं।
लखनऊ शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी निर्वाचित
लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उमेश द्विवेदी को विजयी घोषित किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें कुल 13,179 मत प्राप्त हुए, जबकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार सुशील कुमार को 8,371 मत मिले। इस तरह उमेश द्विवेदी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की।लखनऊ की स्नातक निर्वाचन सीट पर इसके विपरीत समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कांति सिंह बढ़त बनाए हुए थीं। उपलब्ध रुझानों के अनुसार, वह लगभग 7,500 मतों से आगे चल रही थीं। पिछली बार यह सीट भाजपा के पास थी, इसलिए इस निर्वाचन क्षेत्र में संभावित बदलाव को लेकर विशेष चर्चा हो रही थी।
वाराणसी में समाजवादी पार्टी को मिली सफलता
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने शिक्षक समुदाय के लोगों का आभार जताया और पार्टी नेतृत्व को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के समर्थन से उन्हें यह सफलता मिली है।वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा बढ़त बनाए हुए थे। पहले चरण की मतगणना में उन्हें 5,235 मत मिले, जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह को 3,740 मत प्राप्त हुए। हालांकि, यह शुरुआती आंकड़ा था और दूसरे चरण की मतगणना जारी होने की जानकारी दी गई थी।
झांसी में सपा के मानसिंह यादव आगे
झांसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. मानसिंह यादव ने मतगणना के दौरान बढ़त बनाई। छठे चरण के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 37,072 मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार राठौर को 21,815 मत प्राप्त हुए। इन आंकड़ों के आधार पर मानसिंह यादव 15,257 मतों से आगे चल रहे थे।हालांकि, मतगणना के दौरान कुछ अन्य निर्वाचन क्षेत्रों से भी विवाद की खबरें सामने आईं। गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बहिष्कार की बात कही। ये आरोप संबंधित उम्मीदवारों की ओर से लगाए गए थे, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई थी।
बिहार में निर्दलीय उम्मीदवार ब्रजवासी आगे
बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना में भी कई सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। 28 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध सातवें चरण के आंकड़ों के अनुसार, एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ब्रजवासी 1,477 मतों से आगे बताए गए। जनता दल यूनाइटेड के अभिषेक झा दूसरे स्थान पर थे।पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार को 16,640 मत मिले। दिलीप कुमार को 14,000 मत और अनुज सिंह को 11,026 मत प्राप्त हुए। इन नतीजों के बाद जदयू समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। वहीं, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रीय जनता दल के डॉ. संजीव सिंह ने भाजपा के मौजूदा विधान परिषद सदस्य नवल किशोर यादव को 800 से अधिक मतों से हराया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस जीत की औपचारिक घोषणा का इंतजार था।
जनसुराज के सुरेश प्रसाद राय को मिला जीत का प्रमाणपत्र
बिहार के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जनसुराज के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय को जीत का प्रमाणपत्र मिल गया। उन्होंने लगातार तीन चुनाव लड़ने के बाद सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार, उन्होंने लगभग नौ वर्ष पहले सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिया था और अब शिक्षकों की सेवा के लिए काम करने की बात कही है।सुरेश प्रसाद राय ने अपने सरकारी आवास को शिक्षक सेवा केंद्र में बदलने की इच्छा भी जताई। उनकी जीत को जनसुराज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बिहार में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों ने विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले को और रोचक बना दिया है।
महाराष्ट्र में पांच सीटों पर मुकाबला जारी
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर मतगणना के दौरान महाविकास आघाड़ी और महायुति के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिला। उपलब्ध शुरुआती रुझानों में महाविकास आघाड़ी तीन सीटों पर और महायुति दो सीटों पर आगे बताई गई। पुणे स्नातक और मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई थी, जबकि पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में महायुति के उम्मीदवार आगे चल रहे थे।नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच कड़ा मुकाबला था। शुरुआती आंकड़ों में सुधाकर कोहले को प्रथम वरीयता के मतों में बढ़त बताई गई, लेकिन जीत के लिए निर्धारित मतों का लक्ष्य पूरा करना जरूरी था। ऐसे में आगे की मतगणना और दूसरी वरीयता के मतों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
कर्नाटक में भाजपा और जदयू नहीं, जेडीएस की भी सफलता
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में भाजपा के एस.वी. संकानूर ने पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार मोहन लिम्बिकाई को 9,323 मतों के अंतर से हराया। इसके अलावा, बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थित जनता दल सेक्युलर के उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य पुट्टन्ना को 908 मतों से पराजित किया।इन नतीजों से कर्नाटक में कांग्रेस के सामने राजनीतिक चुनौती बढ़ती दिखाई दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य की कुछ अन्य सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए थे। हालांकि, सभी निर्वाचन क्षेत्रों के अंतिम परिणामों की स्थिति एक जैसी नहीं थी और अलग-अलग सीटों पर मतगणना की प्रगति के अनुसार रुझान बदल रहे थे।
मतगणना में देरी और गड़बड़ी के आरोपों से बढ़ा विवाद
उत्तर प्रदेश में मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना में देरी और अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे सवालों पर संबंधित उम्मीदवारों के बयानों को भी देखा जाना चाहिए।गोरखपुर और लखनऊ समेत कुछ स्थानों पर मतगणना केंद्रों के आसपास तनाव और विवाद की खबरें सामने आईं। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई थी। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष के लिए निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक घोषणाओं और प्रमाणित परिणामों को महत्वपूर्ण माना जाएगा।
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