30 लाख लेकर फ्लैट दूसरे को बेचा, FIR:अलीगढ़ में 65 लाख में एग्रीमेंट कर वसूले 30 लाख, फिर दूसरे के नाम कर दी रजिस्ट्री

Nov 08, 2026 - 09:33
0
30 लाख लेकर फ्लैट दूसरे को बेचा, FIR:अलीगढ़ में 65 लाख में एग्रीमेंट कर वसूले 30 लाख, फिर दूसरे के नाम कर दी रजिस्ट्री
पहले 65 लाख रुपये में फ्लैट बेचने का एग्रीमेंट किया, खरीदार से छह किस्तों में 30 लाख रुपये भी ले लिए और फिर उसी फ्लैट का सौदा दूसरे से कर दिया। ग्रेटर नोएडा के फ्लैट के नाम पर कथित धोखाधड़ी का यह मामला अलीगढ़ में सामने आया है। आरोप है कि पति-पत्नी ने पहले खरीदार से रकम लेने के बाद बैनामा कराने के नाम पर महीनों तक टालमटोल की और चुपचाप फ्लैट तीसरे पक्ष के नाम कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर शनिवार देर शाम सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सिविल कोर्ट में कराया था एग्रीमेंट विनय नगर, रामघाट रोड निवासी प्रमिला चौहान के मुताबिक, मिर्जापुर के सहसपुरा निवासी पंकज पांडेय और उनकी पत्नी सुनैना पांडेय ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर CH1-5 स्थित द एक्सप्रेस पार्क व्यू-02 के फ्लैट संख्या M1/1806 को बेचने का प्रस्ताव दिया था। 30 जुलाई 2025 को अलीगढ़ सिविल कोर्ट परिसर में 65 लाख रुपये में नोटरी एग्रीमेंट हुआ। गवाहों की मौजूदगी में पांच लाख रुपये नकद बयाने के तौर पर दिए गए। पांच-पांच लाख की छह किस्तों में भुगतान पीड़िता ने आरोप लगाया कि 30 जुलाई से 13 अक्टूबर 2025 के बीच छह बार में कुल 30 लाख रुपये दंपती को दिए। इसमें पांच लाख रुपये नकद बयाना, बैंक ट्रांसफर और आरटीजीएस के जरिए किए गए भुगतान शामिल हैं। आखिरी पांच लाख रुपये भी 13 अक्टूबर को नकद दिए गए। इस तरह फ्लैट की कुल कीमत का करीब आधा हिस्सा दंपती पहले ही ले चुके थे। बैनामे की बारी आई तो शुरू कर दी बहानेबाजी आरोप है कि शेष 35 लाख रुपये लेकर बैनामा करने के लिए पीड़िता और उनके प्रतिनिधि ने कई बार संपर्क किया। हर बार दंपती ने शहर से बाहर होने समेत अलग-अलग बहाने बनाकर मामला टाल दिया। पीड़िता उनके आश्वासन पर भरोसा करती रही, लेकिन इसी बीच ऐसा खुलासा हुआ जिसने पूरे सौदे पर सवाल खड़े कर दिए। जिस फ्लैट के लिए दिए 30 लाख, वही दूसरे को बेच दिया पीड़िता को जानकारी मिली कि पंकज और सुनैना ने उनके साथ हुए एग्रीमेंट को छिपाकर वही फ्लैट शिवम भाटिया और कनिका भाटिया निवासी रोहिणी, दिल्ली के नाम बैनामा कर दिया है। यानी जिस संपत्ति के लिए पहले ही 30 लाख रुपये ले लिए गए थे, उसका स्वामित्व दूसरे खरीदारों के नाम कर दिया गया। पीड़िता ने दंपती से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। गवाह को भी बिना बताए किया बैनामा शिकायत में बताया गया कि पंकज के रिश्तेदार और एग्रीमेंट के गवाह आलोक मिश्रा से संपर्क करने पर उन्होंने भी बैनामा किए जाने की जानकारी होने की बात कही। पीड़िता ने पुलिस को नोटरी एग्रीमेंट, दूसरे खरीदारों के नाम हुए बैनामे, नामांतरण और बैंक स्टेटमेंट की प्रतियां सौंपी हैं। इसी मामले में अब सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें पीड़िता ने 30 लाख रुपये ब्याज और अधिवक्ता खर्च सहित वापस दिलाने की मांग की है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User