भांजी ने पंप खोलने के नाम पर ठगे 43.5 लाख रुपये, कोर्ट के आदेश पर एफआइआर

दि राइजिंग न्यूज।  बिजनौर (उत्तर प्रदेश): जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सगी भांजी और उसके पति ने पेट्रोल पंप खोलने का झांसा देकर मामा से 43.5 लाख रुपये की ठगी कर दी। मामा को विश्वास दिलाने के लिए घर पर पेट्रोल टैंक और फ्यूल मशीन तक भिजवा दी गई थी, साथ ही फर्जी दस्तावेज़ दिखाकर मंत्रालय से संबंध होने का दावा भी किया गया।

भांजी ने पंप खोलने के नाम पर ठगे  43.5 लाख रुपये, कोर्ट के आदेश पर एफआइआर

दि राइजिंग न्यूज। 

बिजनौर (उत्तर प्रदेश): जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सगी भांजी और उसके पति ने पेट्रोल पंप खोलने का झांसा देकर मामा से 43.5 लाख रुपये की ठगी कर दी। मामा को विश्वास दिलाने के लिए घर पर पेट्रोल टैंक और फ्यूल मशीन तक भिजवा दी गई थी, साथ ही फर्जी दस्तावेज़ दिखाकर मंत्रालय से संबंध होने का दावा भी किया गया।

क्या है मामला?

पीड़ित चंद्रपाल सिंह, नहटौर क्षेत्र के निवासी हैं। ठगी की शुरुआत 10 जनवरी 2021 को हुई, जब उनकी भांजी नीता कुमारी अपने पति प्रदीप कुमार के साथ उनके घर आई और बताया कि उसके ऊंचे अधिकारियों से संबंध हैं और हाईवे किनारे स्थित चंद्रपाल की ज़मीन पर पेट्रोल पंप लगवा सकती है।

मीठे वादों से प्रभावित होकर चंद्रपाल ने अपनी बचत, कर्ज और रिश्तेदारों से उधारी लेकर ₹29.77 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर किए, और कई बार नकद भी दिए। कुल रकम ₹43.5 लाख से अधिक हो गई।

विश्वास जीतने के लिए रचा गया नकली नाटक

नीता और प्रदीप ने न सिर्फ पेट्रोल टैंक और मशीनें मामा के घर भिजवाईं, बल्कि भारत सरकार के अशोक स्तंभ वाले फर्जी दस्तावेज और NOC भी सौंप दिए। पंप निर्माण न होने पर शक हुआ और 15 मई 2022 को प्रदीप ने पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन अब तक एक पैसा वापस नहीं किया गया।

FIR दर्ज, जांच शुरू

पहले स्थानीय थाने ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। जब पीड़ित ने एसपी को पत्र भेजा, तब भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आख़िरकार कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज की गई और पुलिस जांच शुरू हुई।

FIR में शामिल अन्य नाम

इस केस में नीता और प्रदीप के अलावा प्रदीप के पिता खेम सिंह, भाई कुलदीप कुमार, दोस्त मोहित कुमार गुप्ता और उसकी मां सुभद्रानंदा गुप्ता को भी नामजद किया गया है।