दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब ब्रिज: 1400 करोड़ की लागत, 30 हजार मीट्रिक टन स्टील, भारत की नई पहचान

दि राइजिंग न्यूज। जम्मू-कश्मीर। 6 जून, 2025 ।  जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बना चिनाब ब्रिज शुक्रवार, 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों देश को समर्पित हो गया। इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और पुल पर तिरंगा लेकर चहलकदमी की। यह ब्रिज न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना बन गया है, जो अब भारत की तकनीकी क्षमता और एकता का प्रतीक है।

दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब ब्रिज: 1400 करोड़ की लागत, 30 हजार मीट्रिक टन स्टील, भारत की नई पहचान
World's tallest Chenab Bridge: Cost of 1400 crores 30 thousand metric tons of steel new identity of India

दि राइजिंग न्यूज। जम्मू-कश्मीर। 6 जून, 2025 । 

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बना चिनाब ब्रिज शुक्रवार, 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों देश को समर्पित हो गया। इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और पुल पर तिरंगा लेकर चहलकदमी की। यह ब्रिज न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना बन गया है, जो अब भारत की तकनीकी क्षमता और एकता का प्रतीक है।

 

PM Modi to inaugurate Chenab Bridge on June 6, see details

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज

चिनाब ब्रिज को नदी के तल से 359 मीटर (1,178 फीट) की ऊंचाई पर बनाया गया है, जो पेरिस के एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है। इसकी कुल लंबाई 1,315 मीटर है और मुख्य आर्च 467 मीटर लंबा है। यह स्टील और कंक्रीट से बना आर्च ब्रिज है, जो रियासी जिले के बक्कल और कौरी गांवों को जोड़ता है।

निर्माण में रिकॉर्ड तोड़ तकनीक और सुरक्षा

इस ब्रिज के निर्माण में लगभग 28,660 से 30,000 मीट्रिक टन स्टील, 46,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट और 6 लाख से ज्यादा बोल्ट लगे हैं। इसकी लागत करीब 1,486 करोड़ रुपये (लगभग 180 मिलियन डॉलर) है। इसे 266 किमी/घंटा की तेज हवाओं, रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता के भूकंप और 40 टन टीएनटी के बराबर विस्फोट को सहने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें विशेष पेंट का इस्तेमाल हुआ है, जो 20 साल तक जंग से बचाता है और इसकी अनुमानित उम्र 120-125 साल है।

Chenab and Anji Khad bridges to be inaugurated on 6th June ...

हिमालय की चुनौतियों के बीच इंजीनियरिंग का कमाल

चिनाब ब्रिज का निर्माण हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों, भूकंपीय जोन-5 और तेज हवाओं के बीच किया गया। नदी के प्रवाह को बिना नुकसान पहुंचाए, पूरी तरह आर्च तकनीक से इसे खड़ा किया गया है। नदी में कोई पिलर नहीं है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन भी सुरक्षित रहा।

सामरिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व

यह ब्रिज जम्मू-कश्मीर को भारत के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा है। अब कटरा से श्रीनगर का सफर वंदे भारत ट्रेन से सिर्फ 3 घंटे में पूरा होगा। यह पुल जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में संगलदान और रियासी रेलवे स्टेशनों को जोड़ता है, जिससे कश्मीर घाटी का दिल्ली और देश के अन्य शहरों से सीधा रेल संपर्क संभव हो गया है। सर्दियों में जब सड़क मार्ग बंद हो जाते हैं, तब भी यह रेल लिंक कश्मीर को देश से जोड़े रखेगा।

उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने पुल को भारत की एकता और संप्रभुता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "लोग पेरिस एफिल टावर देखने जाते हैं, लेकिन चिनाब ब्रिज उससे भी ऊंचा है। यह अब एक नया टूरिस्ट स्पॉट बनेगा।" पीएम मोदी ने इसे जम्मू-कश्मीर के विकास और देश की एकता का नया अध्याय बताया।

Chenab Rail Bridge Inauguration 2025: All You Need To Know

स्थानीय लोगों और कारोबार के लिए वरदान

इस ब्रिज के शुरू होने से कश्मीर के सेब, ड्राई फ्रूट्स और कश्मीरी शॉल अब देश के हर कोने तक आसानी से पहुंच सकेंगे। स्थानीय कारोबार, पर्यटन और रोजगार को भी नए पंख मिलेंगे। अब कश्मीर के लोगों को हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों से रेल संपर्क मिलेगा5


चिनाब ब्रिज सिर्फ एक रिकॉर्ड तोड़ने वाली संरचना नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लिए सामाजिक, आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी गेम-चेंजर साबित होगा। इसकी मजबूती, ऊंचाई और इंजीनियरिंग दुनिया भर में भारत की तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।