आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़, अंतरजनपदीय पशु चोर गिरफ्तार:चार पशु बरामद, चोरी में प्रयुक्त परिवर्तित नंबर प्लेट लगी पिकअप बरामद, सात जिलों में दर्ज हैं 22 मुकदमे
आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक अंतरजनपदीय शातिर पशु चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लगी है। उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से चोरी की तीन भैंस और एक बकरी, अवैध तमंचा, कारतूस तथा चोरी में प्रयुक्त परिवर्तित नंबर प्लेट लगी पिकअप बरामद की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अहरौला थाना क्षेत्र के सोफीगढ़ निवासी दिलशाद उर्फ दिलशान (33) पुत्र सगीर उर्फ बादशाह के रूप में हुई है। अभियुक्त के खिलाफ आजमगढ़ समेत सात जनपदों में पशु चोरी, गोवध, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं। दीपावली की सुबह हुई मुठभेड़
इस बारे में क्षेत्राधिकारी फूलपुर भूपेश कुमार पाण्डेय ने बताया की सरायमीर थाना क्षेत्र के नरदह चक नरदह गांव निवासी रोहित चौहान की भैंस एक नवंबर की रात चोरी हुई थी। इस मामले में तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी दिन दीदारगंज थाना क्षेत्र के आदममऊ गांव निवासी हरेंद्र चौहान की भैंस चोरी होने का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। वहीं अहरौला थाना क्षेत्र के बनकट गांव से 30 अक्टूबर को एक बकरी चोरी हुई थी। बरदह क्षेत्र में भी भैंस चोरी की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं के खुलासे के लिए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर पुलिस टीमें सक्रिय थीं। इसी क्रम में सात और आठ नवंबर की मध्यरात्रि सरायमीर पुलिस रात्रि गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पशु चोरी करने वाले दो बदमाश पिकअप में चोरी के पशु लादकर सिकरौर और मार्टिनगंज होते हुए जौनपुर के मड़ियाहूं पशु बाजार जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने ग्राम नोनारी के पास संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसमें सवार बदमाश बैरियर तोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा करते हुए कौरागहनी नहर के पास घेराबंदी की। बदमाश पिकअप लेकर घंगवल मार्ग की तरफ भागे, लेकिन करीब 200 मीटर आगे वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। इस दौरान एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। कंट्रोल फायरिंग में लगी गोली
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दिलशाद उर्फ दिलशान के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घायल अभियुक्त को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। व्यापारी बनकर करते थे रेकी, रात में चुराते थे पशु
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथी दिलशाद उर्फ करिया उर्फ कोट्टा, सलमान और अन्य लोगों के साथ मिलकर पशु चोरी करता था। गिरोह के सदस्य व्यापारी बनकर गांवों में घूमते और बाहर बंधे गाय, भैंस तथा बकरियों की रेकी करते थे। इसके बाद रात में मौका पाकर पशुओं को पिकअप में लादकर फरार हो जाते थे।
पुलिस के मुताबिक पहचान छिपाने के लिए पिकअप पर परिवर्तित नंबर प्लेट लगाई जाती थी। चोरी के पशुओं को निर्धारित ठिकानों पर रखने के बाद दूर-दराज के पशु बाजारों में बेच दिया जाता था। बिक्री से मिलने वाली रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
अभियुक्त ने पूछताछ में नरदह चक और आदममऊ से दो भैंस, बनकट से एक बकरी तथा बरदह क्षेत्र से एक भैंस चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार बरामद पशुओं की संबंधित पीड़ितों से पहचान भी कराई गई है। परिवर्तित नंबर प्लेट लगाकर करते थे वारदात
पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त पिकअप भी बरामद की है। उस पर यूपी 62 बीवाई 4388 नंबर अंकित था, जबकि उसका वास्तविक नंबर यूपी 62 बीटी 4388 बताया गया है। इसके अलावा एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस टीम पर फायरिंग, अवैध असलहे और परिवर्तित नंबर प्लेट के इस्तेमाल के मामले में अन्य संबंधित धाराओं तथा आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ आजमगढ़, अंबेडकरनगर, जौनपुर, सुल्तानपुर, वाराणसी, मऊ और संतकबीरनगर में कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, चोरी, लूट, डकैती, धोखाधड़ी और अवैध असलहे से जुड़े मामले शामिल हैं।
फरार बदमाश की गिरफ्तारी और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। पुलिस मामले में अन्य घटनाओं की भी जांच कर रही है। पुलिस किस टीम में सरायमीर के इंस्पेक्टर भुवनेश कुमार चौबे और सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही।
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