श्रावस्ती में घर-घर जले दीप, लक्ष्मी-गणेश सरस्वती की पूजा:लोगों ने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की, घरों और दुकानों में सजावट
श्रावस्ती में रविवार को दीपावली का पर्व मनाया गया। रविवार शाम 7:00 से 8:00 बजे के बीच शहर से लेकर गांव तक घरों में दीप जले और लोगों ने माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा की। इस दौरान लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को सजाया गया। लोगों ने मिट्टी के दीपक जलाए और रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक झालरों व लाइटों से सजावट की।देर शाम को माता लक्ष्मी भगवान गणेश और माता सरस्वती की विधि विधान से पूजा के बाद लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। बच्चों और युवाओं ने आतिशबाजी की। पटाखों की आवाज और आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी दिखाई दी। दीपावली को भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 साल का वनवास पूरा करने और रावण का वध करने के बाद माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने नगरी को दीपों से सजाया था। इसी परंपरा के तहत हर साल कार्तिक अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास की अमावस्या को माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। उन्हें धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। इसी वजह से दीपावली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। देश के कई हिस्सों में भगवान श्रीकृष्ण के नरकासुर का वध करने और उसके कब्जे से बंदी कन्याओं को मुक्त कराने की खुशी में भी दीपोत्सव मनाया जाता है। श्रावस्ती में लोगों ने पूजा, सजावट और दीप जलाकर दीपावली मनाई।
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