अमेरिका पर रूस भड़का, कहा- वादा तोड़ा!

ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। रूस ने अमेरिका पर तेहरान के साथ हुए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस कार्रवाई से क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। वहीं ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

अमेरिका पर रूस भड़का, कहा- वादा तोड़ा!

दि राइजिंग न्यूज़ | मॉस्को | 15 जुलाई 2026

ईरान पर अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रूस ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अमेरिका पर तेहरान के साथ हुए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि सैन्य कार्रवाई से न केवल ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि ऐसे कदम शांति स्थापित करने के प्रयासों को कमजोर करते हैं और अंतरराष्ट्रीय विश्वास को भी चोट पहुंचाते हैं।

रूस ने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का लगाया आरोप

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि अमेरिका की नई सैन्य कार्रवाई पहले हुए समझौते की भावना के विपरीत है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए जो प्रयास किए गए थे, उन्हें इस कार्रवाई ने कमजोर कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। रूस ने अमेरिका से संयम बरतने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील भी की।

नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचने का दावा

रूस का कहना है कि अमेरिकी हमलों का प्रभाव केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा बल्कि नागरिक क्षेत्रों पर भी पड़ा है। लावरोव ने दावा किया कि ईरान के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र के कई नागरिक ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ता है और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलने की आशंका रहती है। रूस ने इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।

भविष्य के समझौतों पर भरोसे को लेकर उठाए सवाल

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि यदि पहले हुए समझौतों का पालन नहीं किया जाता तो भविष्य में किसी भी नई सहमति पर विश्वास करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न स्तरों पर हुए कई समझौतों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, जिससे देशों के बीच भरोसा कमजोर हुआ है। रूस का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विश्वास बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि यह विश्वास टूटता है तो वैश्विक स्थिरता भी प्रभावित होती है।

ईरान ने भी अमेरिकी कार्रवाई का किया विरोध

ईरान ने भी अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। तेहरान का कहना है कि इस हमले से युद्धविराम और तनाव कम करने के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई नागरिक सुविधाओं और परिवहन से जुड़े ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है और इसे फिर से खोल दिया गया है। दोनों देशों के अलग-अलग दावों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

दुनिया की नजर अगले घटनाक्रम पर

रूस, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यदि यह विवाद और गहराता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में संबंधित देश बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या टकराव और बढ़ता है। ऐसे समय में पश्चिम एशिया की स्थिति विश्व राजनीति के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक बनी हुई है।