भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बढ़ी हलचल

बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होने के बाद विवाद और गहरा गया है। परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए न्याय की मांग की है, जबकि गांव में इस मुद्दे को लेकर महापंचायत आयोजित की जा रही है।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बढ़ी हलचल

दि राइजिंग न्यूज़ | भोजपुर | 25 जून 2026

एनकाउंटर मामले में नया मोड़

बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भरत तिवारी की मां की शिकायत पर पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को तेज कर दिया है।परिजनों का कहना है कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है और उन्हें उम्मीद है कि जांच में पूरी सच्चाई सामने आएगी।

कौन थे भरत तिवारी

28 वर्षीय भरत तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव के निवासी थे। पिछले कुछ समय से उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें वह हथियार के साथ दिखाई दिए थे और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे थे।वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी और कई बार उनके घर भी पहुंची थी।

परिजनों ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप

परिवार का आरोप है कि 17 जून को पुलिस भरत तिवारी को अपने साथ ले गई थी। इस दौरान उन्होंने कथित रूप से सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया था।परिजनों का दावा है कि भरत ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई। परिवार का कहना है कि यह मुठभेड़ नहीं बल्कि हत्या का मामला है।

पुलिस अधिकारियों पर दर्ज हुई एफआईआर

भरत तिवारी की मां आशा देवी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार तथा अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।इस मामले में यह पहली बार है जब एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या से संबंधित प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मां ने जताई न्याय की उम्मीद

एफआईआर दर्ज होने के बाद आशा देवी ने कहा कि यह न्याय की लड़ाई का पहला पड़ाव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।परिवार लगातार स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

पहले भी लगाए गए थे गंभीर आरोप

एनकाउंटर के बाद भरत तिवारी की मां और भाई ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि भरत मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ था और उसे गलत तरीके से बदनाम किया गया।परिवार के अनुसार भरत विज्ञान स्नातक था और रोजगार की तैयारी कर रहा था। साथ ही वह क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित और विस्थापित लोगों के मुद्दों को उठा रहा था।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस ने पहले उनके घर पहुंचकर दबाव बनाया था और धमकियां दी थीं।

एसडीपीओ को हटाया गया

मामले में बढ़ते विवाद के बीच जगदीशपुर के एसडीपीओ राजेश वर्मा को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। यह कार्रवाई राज्य स्तर पर समीक्षा के बाद की गई है।उनकी जगह पंकज मिश्रा को नया एसडीपीओ नियुक्त किया गया है।

गांव में आयोजित होगी महापंचायत

भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर आज बिलौटी गांव में कुंडेश्वर महादेव मंदिर के निकट महापंचायत आयोजित की जा रही है। स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के इसमें शामिल होने की संभावना है।महापंचायत में मामले की निष्पक्ष जांच, न्यायिक कार्रवाई और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।

जांच पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और दर्ज एफआईआर के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। अब प्रशासनिक कार्रवाई, पुलिस जांच और संभावित कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।