बहन की शादी छोड़कर प्रदर्शन कर रहा अभ्यर्थी:लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन , संदीप सिंह के आवास पर घंटी-शंख बजाई , पुलिस के ऊपर लातों से मारने का आरोप
लखनऊ में गुरुवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्तीअभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया। मंत्री के आवास के बाहर अभ्यर्थी 1 घंटे तक नारेबाजी और हंगामा करते रहे। प्रदर्शनकारी मंत्री की आवास के बाहर शंख और घंटी बजाकर उन्हें बाहर बुला रहे थे। अभ्यर्थियों ने कहा कि मंत्री के कानों तक हमारी आवाज नहीं पहुंच रही है इसलिए शंखनाद कर रहे हैं। जमकर नारेबाजी किया प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे थे 'ऐसी क्या मजबूरी है - कि आरक्षण की चोरी है', 'पिछड़ा आयोग ने माना है आरक्षण घोटाला है'। पुलिस और प्रदर्शन कार्यों में जमकर नोक झोंक हुई मंत्री के सामने लेट गए और हाथ जोड़कर रो-रो कर नौकरी की फरियाद कर रहे थे। पुलिस प्रदर्शनकारियों को खींचते और घसीटते हुए ले गई। ‘बस में बैठ के लातो से मारा’ प्रदर्शन कर रहे हैं अभ्यर्थी ने रोते बताया कि बस के अंदर भर के पुलिस कर्मियों ने उन्हें लातों से मारा है । उन्होंने पुलिस के ऊपर बर्बरता पूर्वक पीटने गाली देने कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया। बताया कि पुलिस की पिटाई के बाद ऐसा लग रहा है कि उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया ल उठ नहीं रहा है। नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ दलित और पिछड़ों का विनाश चाहती है और पुलिस हमें सिर्फ पीटना जानती है। बीमार बच्ची को छोड़ कर प्रदर्शन में आए आजमगढ़ से आए घनश्याम बिलख - बिलख कर रो रहे थे। रोते हुए बताया कि ढाई महीने हो गया है घर नहीं गया हूं। 3 साल की बच्ची है रोज वीडियो कॉल करती है पूछता है पापा घर कब आएंगे। बच्ची हमारी बहुत बीमार है अभी जल्द ही उसका हमने इलाज करवाया। 15 दिनों तक अपनी बेटी को लेकर हम मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। ऑपरेशन के बाद उसकी एक्सरसाइज होना था मगर हम अपनी बीमार बच्ची को छोड़कर आज यहां प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं मगर फिर भी सरकार में बैठे हुए बेमुरव्वत लोग हमारे दर्द को नहीं समझ रहे। बहन की शादी छोड़ प्रदर्शन में आए प्रदर्शन में मैनपुरी से आए आशीष कुमार ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बेहद दुखद है। घर में बहन की शादी है और उसे छोड़कर हम धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आज जहां घर परिवार रिश्तेदार सब लोग बहन को विदा करने के लिए जुटे हैं वहीं हम अपनी बहन और परिवार छोड़कर लखनऊ में हैं। यह हम पिछड़ों का दुर्भाग्य है कि अपनी बहन की शादी में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। 5 प्रतिशत छूट कि मांग प्रदर्शनकारियों ने बताया कि साल 2018 में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती निकली थी । इस भर्ती में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक , दलित और पिछले वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% आरक्षण मिलना था । मगर चारों कैटिगरी के लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला और जनरल के अभ्यर्थियों के साथ सामान्य रूप से परिणाम घोषित किया गया । बताया कि नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों को 68,500 शिक्षकों की भर्ती परीक्षा के पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट देते हुए पूर्णांक 150 में 60 अंक मतलब 40 प्रतिशत पर परिणाम संशोधित करा कर नई सूची जारी करनी चाहिए। ‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं ’ सीतापुर से आए आशुतोष वर्मा ने कहा कि 8 साल से हम नौकरी के लिए भटकरहे हैं। इन्होंने बताया कि इस भर्ती में व्यापक स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्र पिछला आयोग ने भी मन की घोटाला हुआ है , आरक्षण के नियमों को पालन करने का आदेश दिया।हमारी मांग यही है कि आयोग के आदेशों का पालन हो।2018 में जब भर्ती निकली थी तो हमने फॉर्म भरा था और जब से लेकर आज तक 8 सालों से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं।
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