भारत के खिलाफ बिलावल भुट्टो की फिर परमाणु धमकी

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के जल अधिकारों पर असर डालने की कोशिश हुई तो देश के पास परमाणु विकल्प सहित सभी विकल्प खुले रहेंगे। उनके इस बयान के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

भारत के खिलाफ बिलावल भुट्टो की फिर परमाणु धमकी

दि राइजिंग न्यूज़ | इस्लामाबाद  |  01 जुलाई 2026

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ विवादित और भड़काऊ बयान दिया है। सिंधु जल संधि के मुद्दे को लेकर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के जल संसाधनों को प्रभावित करने की कोशिश की गई तो उसका जवाब केवल कूटनीतिक स्तर पर नहीं बल्कि परमाणु नीति के दायरे में भी दिया जा सकता है। उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ाने का काम किया है।बिलावल भुट्टो का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले को लेकर पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि इस संधि को रोकना उसकी अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और जल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। वहीं भारत का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाना आवश्यक है।

सिंधु जल संधि को बताया पाकिस्तान की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा

इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान बिलावल भुट्टो ने कहा कि वर्ष 1960 में हुई सिंधु जल संधि केवल जल बंटवारे का समझौता नहीं बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और पाकिस्तान की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भारत इस समझौते को लगातार स्थगित रखता है या जल प्रवाह को प्रभावित करने वाले कदम उठाता है तो इससे पाकिस्तान के लिए असाधारण परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी जल सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उनके अनुसार यदि किसी देश की अर्थव्यवस्था को जल संसाधनों के माध्यम से कमजोर करने का प्रयास किया जाता है तो उसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला माना जाएगा। इसी संदर्भ में उन्होंने परमाणु नीति का उल्लेख करते हुए विवादित टिप्पणी की।

परमाणु नीति का हवाला देकर दी अप्रत्यक्ष चेतावनी

बिलावल भुट्टो ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान की परमाणु नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू जल सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि यदि किसी भी स्तर पर पाकिस्तान के जल अधिकारों को प्रभावित किया गया तो देश के पास अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विकल्प खुले रहेंगे।हालांकि उन्होंने किसी संभावित कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके बयान को भारत के प्रति अप्रत्यक्ष परमाणु चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इस बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार तीखे हो रहे हैं पाकिस्तान के बयान

भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के कई राजनीतिक और सैन्य नेताओं की ओर से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी पहले भारत के खिलाफ परमाणु क्षमता का उल्लेख करते हुए बयान दे चुके हैं। अब बिलावल भुट्टो की टिप्पणी ने उसी क्रम को आगे बढ़ाया है। पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा इस प्रकार के बयान घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास भी हो सकते हैं। हालांकि ऐसे बयान दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की संभावनाओं को कमजोर करते हैं।

पहले भी दे चुके हैं युद्ध की चेतावनी

यह पहला अवसर नहीं है जब बिलावल भुट्टो ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ आक्रामक बयान दिया हो। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि यदि भारत संधि को स्थगित रखता है और नदी परियोजनाओं के माध्यम से जल प्रवाह को प्रभावित करता है तो दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।उन्होंने उस समय पाकिस्तान की जनता से एकजुट रहने की अपील करते हुए भारत सरकार की नीतियों का विरोध करने की बात कही थी। उनके पुराने बयानों और वर्तमान टिप्पणी को जोड़कर देखा जाए तो पाकिस्तान लगातार सिंधु जल संधि को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।

भारत का रुख पहले से स्पष्ट

भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों के मद्देनज़र राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत का कहना है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक संबंधों में सामान्य स्थिति की उम्मीद करना कठिन है।सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि भारत अपनी रणनीतिक और कूटनीतिक नीति के तहत ही आगे के निर्णय लेगा। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से आए इस ताजा बयान पर भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।