अमेरिकी नागरिकों से 7.21 मिलियन डॉलर की साइबर ठगी, सीबीआई ने मुख्य आरोपी को दबोचा
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अमेरिकी नागरिकों से कथित तौर पर 7.21 मिलियन डॉलर से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। अहमदाबाद से संचालित कथित अवैध कॉल सेंटर के मामले में मुख्य आरोपी अंकित सतीशचंद्र पांडेय को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों पर अमेरिकी अधिकारियों का रूप धारण कर लोगों को डराने और उनसे रकम वसूलने का आरोप है। मामले की जांच जारी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | गुजरात | 25 सितंबर 2026
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर कथित तौर पर 7.21 मिलियन डॉलर से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच एजेंसी ने अहमदाबाद से संचालित कथित अवैध कॉल सेंटर के संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले अंकित सतीशचंद्र पांडेय को गिरफ्तार किया है। मामले में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
ऐसे रचा जाता था ठगी का जाल
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी और उसके साथी इंटरनेट आधारित आवाज कॉल के जरिए अमेरिकी संघीय एजेंसियों के अधिकारियों के रूप में अपनी पहचान बताते थे। वे पीड़ितों को संघीय व्यापार आयोग, अमेरिकी अभियोजक कार्यालय और महत्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा एजेंसी जैसी संस्थाओं का नाम लेकर डराते थे। पीड़ितों से कथित तौर पर कहा जाता था कि उनके कंप्यूटर या पहचान का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति ने बाल अश्लील सामग्री तक पहुंच बनाने के लिए किया है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें अपने बैंक खातों से रकम निकालने के लिए मजबूर किया जाता था। इस तरह भय और दबाव का इस्तेमाल करके पीड़ितों से बड़ी रकम हासिल की जाती थी।
सोना खरीदवाकर विदेश में पहुंचाते थे
सीबीआई के अनुसार, ठगी की रकम को सीधे हासिल करने के बजाय पीड़ितों को बैंक से पैसे निकालकर सोना खरीदने के लिए कहा जाता था। इसके बाद अमेरिका में नेटवर्क से जुड़े कथित कूरियर के माध्यम से यह सोना आरोपियों तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इस तरीके से अमेरिकी नागरिकों से 7.21 मिलियन डॉलर से अधिक की ठगी की गई।
वर्ष 2024 से चल रहा था कथित नेटवर्क
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय साइबर-वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क वर्ष 2024 से अहमदाबाद में संचालित कथित अवैध कॉल सेंटरों के माध्यम से सक्रिय था। इसमें कई लोग आपराधिक साजिश के तहत काम कर रहे थे। सीबीआई अब नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
8 सितंबर को दर्ज हुआ मामला
सीबीआई ने 8 सितंबर 2026 को अंकित सतीशचंद्र पांडेय और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने अहमदाबाद में आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनमें कथित साइबर अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले।
23 सितंबर को हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सीबीआई ने अंकित सतीशचंद्र पांडेय को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, वह कथित अवैध कॉल सेंटर की स्थापना और उसके संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
जांच में अब किन पहलुओं पर नजर
सीबीआई अब इस कथित साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच में कॉल सेंटर के संचालन, बरामद डिजिटल उपकरणों, अमेरिकी नागरिकों से ठगी गई रकम और सोने की आवाजाही से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जा रहा है। एजेंसी आगे की कार्रवाई के लिए डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच कर रही है।
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