चंद्रशेखर का दलित-मुस्लिम गठजोड़, चार महापुरुषों की तस्वीरें:कांशीराम की कर्मस्थली से फूंका चुनावी बिगुल, मायावती के वोटरों को साधा

Oct 27, 2026 - 11:50
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चंद्रशेखर का दलित-मुस्लिम गठजोड़, चार महापुरुषों की तस्वीरें:कांशीराम की कर्मस्थली से फूंका चुनावी बिगुल,  मायावती के वोटरों को साधा
भीम आर्मी के संस्थापक, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रयागराज में चुनावी बिगुल फूंकते हुए कई संदेश दिए। चंद्रशेखर ने जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए फूलपुर को चुना। फूलपुर बसपा संस्थापक कांशीराम की कर्मस्थली के रूप में जाना जाता है। राजनीति की शुरुआत कांशीराम ने यहीं से की थी। चंद्रशेखर आजाद ने फूलपुर की जनसभा में दलित-मुस्लिम गठजोड़ का साफ संदेश दिया। चंद्रशेखर के मंच पर ज्योतिबाराव फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, डॉ. भीमराव अंबेडकर, कांशीराम, डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीरें थीं। चंद्रशेखर ने महापुरुषों की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर संदेश दिया कि दलित चिंतक, बहुजन समाज के लिए काम करने वालों ही उनके पूजनीय हैं। डॉ. कलाम के जरिये उन्होंने मुस्लिमों को साधने की कोशिश की। चुनावी संदेश साफ नजर आया। हालांकि चंद्रशेखर ने राजनीतिक पार्टी से गठबंधन का पत्ता नहीं खोला। इतना जरूर कहा कि गठबंधन जिससे होगा डंके की चोट पर होगा। कांशीराम की कर्मस्थली फूलपुर वर्ष 1996 : बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम ने फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार जंग बहादुर सिंह पटेल के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा उन्होंने 1988 में प्रयागराज (इलाहाबाद) लोकसभा उपचुनाव भी लड़ा था, जिसमें वे कांग्रेस के खिलाफ मैदान में उतरे थे और तीसरे स्थान पर रहे थे। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को प्रयागराज में रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' का नाम लिए बगैर उन्हें माफिया बताया। सांसद ने कहा- “मंच से सरकार कहती है कि हमने माफियाओं को बाहर कर दिया, प्रदेश को उनसे मुक्त करा लिया। लेकिन इसी पार्टी से जुड़े और मुख्यमंत्री के स्वजातीय माफिया शस्त्र प्रदर्शन कर गरीबों में भय पैदा कर रहे हैं। इस सरकार में गुंडागर्दी का चरम है।” जानिये कुंडा विधायक राजा भैया के लिए क्या कहा प्रतापगढ़ में कुंडा विधायक राजा भैया ने 20 अक्टूबर को दशहरे पर पैतृक आवास बेंती राजभवन में शस्त्र पूजन किया था। मेजों पर कारबाइन, माउजर, पिस्तौल, रिवाल्वर और राइफल जैसे 500 से अधिक छोटे-बड़े देसी और विदेशी हथियार बिछाए गए थे। चंद्रशेखर दोपहर 3 बजे 30 गाड़ियों का काफिला लेकर फूलपुर में जनसभा करने पहुंचे थे। उनकी सभा में कई समर्थक मायावती के पोस्टर लेकर आए थे। चंद्रशेखर ने कहा- मैं कांशीरामजी का वैचारिक उत्तराधिकारी हूं। राजनीतिक उत्तराधिकारी दूसरा दल है। मैंने कोशिश की कि मायावतीजी के साथ काम करूं, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। इसलिए अपने आंदोलन को और मजबूत कर रहा हूं। चंद्रशेखर के भाषण की 5 बड़ी बातें- यूपी में युवा बेरोजगार हैं। नौजवान डिग्रियां लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम है। यूपी में स्कूल बंद हो रहे हैं, जबकि सरकार शराब की दुकानें खुलवा रही है। इससे युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। SIR के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हुई। मैंने ही MLC चुनाव में गड़बड़ी का मामला सामने लाया था। डिजिटल वोटर लिस्ट खत्म कर देनी चाहिए। जनता चाहती है कि EVM से नहीं, बैलेट पेपर से चुनाव हों। अभी मेरा किसी के साथ गठबंधन नहीं हुआ है। चुनाव के समय गठबंधन होता है। जब गठबंधन होगा, तो डंके की चोट पर ऐलान करेंगे। गठबंधन के सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे, क्योंकि इस सरकार को हटाना है। पिछली बार आजाद समाज पार्टी ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। एक सीट पर जीत मिली, जबकि दूसरी पर 80 हजार से ज्यादा वोट मिले। अगर बाकी 78 सीटों पर भी चुनाव लड़ते, तो विपक्ष के कई नेता आज घर बैठे होते। पिछले साढ़े नौ साल में किसी ने कुछ खोया हो या नहीं, लेकिन हमारे बहुजन समाज ने बहुत कुछ खोया है। पहले नौकरियां निकलती थीं, अब वे खत्म हो गईं। रोजगार खत्म हो गया और भूमाफिया ने जमीन छीन ली। शिक्षा का अधिकार था, लेकिन स्कूल बंद कर दिए गए।

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