एसी के तापमान पर सरकार का बड़ा संदेश: बिजली बिल में होगी बड़ी बचत
दिल्ली सरकार ने एसी को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस पर चलाने की सलाह दी है। सरकार के अनुसार इससे 30 से 48 प्रतिशत तक बिजली की बचत संभव है। साथ ही अनावश्यक लाइटें बंद रखने और ऊर्जा संरक्षण के अन्य उपाय अपनाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 30 मई 2026
भीषण गर्मी के बीच एयर कंडीशनर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बिजली की बढ़ती खपत और भारी बिजली बिल लोगों की चिंता का कारण बन रहे हैं। इसी बीच दिल्ली सरकार ने एसी के इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा है कि एसी को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच चलाना चाहिए। इससे बिजली की खपत में बड़ी कमी आ सकती है और उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल भी काफी हद तक कम हो सकता है।
18 डिग्री पर एसी चलाना पड़ सकता है महंगा
अक्सर लोग तेज ठंडक पाने के लिए एसी को 18 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर देते हैं। लेकिन ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार यह न सिर्फ बिजली की खपत बढ़ाता है बल्कि एसी पर अतिरिक्त दबाव भी डालता है। दिल्ली सरकार के अनुसार एसी का तापमान प्रत्येक एक डिग्री बढ़ाने पर लगभग 5 से 6 प्रतिशत तक बिजली की बचत संभव है।
24 और 26 डिग्री पर कितना होगा फायदा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार यदि एसी को 18 डिग्री के बजाय 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाया जाए तो बिजली की खपत में लगभग 30 से 36 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। वहीं यदि एसी को 26 डिग्री सेल्सियस पर चलाया जाए तो बिजली की बचत 40 से 48 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यानी केवल तापमान बदलकर उपभोक्ता हर महीने अच्छी-खासी रकम बचा सकते हैं।
उदाहरण से समझिए पूरा गणित
मान लीजिए कोई एसी प्रतिदिन 8 घंटे चलता है और 18 डिग्री सेल्सियस पर लगभग 8 यूनिट बिजली खर्च करता है। यदि वही एसी 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाया जाए तो खपत घटकर लगभग 5.1 से 5.6 यूनिट तक आ सकती है। वहीं 26 डिग्री सेल्सियस पर यह खपत करीब 4.2 से 4.8 यूनिट तक सीमित हो सकती है।
दिल्ली सरकार ने जारी किए निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और कार्यालयों को ऊर्जा बचत के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा है कि कार्यालयों में अनावश्यक रूप से जल रही लाइटों को बंद रखा जाए और प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग किया जाए। इसके अलावा कार्यालय परिसरों में जरूरत के अनुसार ही रोशनी का इस्तेमाल करने और बिजली उपकरणों को समय पर बंद करने की सलाह दी गई है।
प्रधानमंत्री की अपील का असर
सरकारी आदेश में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर की गई अपील को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का मानना है कि यदि बड़े स्तर पर बिजली की बचत की जाए तो देश की ऊर्जा जरूरतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मास्टर स्विच लगाने की सलाह
सरकार ने घरों और कार्यालयों में मास्टर स्विच लगाने की भी सलाह दी है। इससे काम खत्म होने के बाद सभी बिजली उपकरणों को एक साथ बंद किया जा सकता है और अनावश्यक बिजली खपत को रोका जा सकता है। बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एसी के तापमान को कुछ डिग्री बढ़ाकर बड़ी मात्रा में बिजली बचाई जा सकती है। यह न केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि देश की कुल ऊर्जा खपत पर भी सकारात्मक असर डालेगा। 24 से 26 डिग्री सेल्सियस का तापमान आरामदायक होने के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता के लिहाज से भी सबसे बेहतर माना जाता है।