जंतर-मंतर बवाल! प्रदर्शन के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन
राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद हिंसा और अव्यवस्था के आरोपों को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटनाक्रम के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों पर चर्चा तेज हो गई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
राजधानी दिल्ली में शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन ने सोमवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर टकराव की स्थिति बन गई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे और जैसे-जैसे मार्च आगे बढ़ा, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती भी बढ़ाई गई। हालांकि स्थिति जल्द ही तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की तथा झड़पों की खबरें सामने आने लगीं।दिल्ली पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने उनकी आवाज दबाने के लिए आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजधानी में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
किन आरोपों में दर्ज हुई प्राथमिकी
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग थाना क्षेत्र में पूरे घटनाक्रम को लेकर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था भंग करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सार्वजनिक मार्गों को बाधित करने तथा सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने जैसे आरोपों को प्राथमिकी में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से प्राप्त चित्र, दृश्य रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं। आसपास लगे निगरानी उपकरणों के दृश्य भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं में कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अधिकारियों का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि वह निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक सौ अठारह सुरक्षाकर्मी
दिल्ली Police के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुल एक सौ अठारह सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। इनमें कई पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजना पड़ा, जबकि कुछ को मामूली चोटें आईं। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान सुरक्षाकर्मियों को भारी दबाव का सामना करना पड़ा।प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि उनकी आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं की गई है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावों के बीच पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रमुख मार्गों और सरकारी भवनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
सत्तर से अधिक प्रदर्शनकारियों को लिया गया हिरासत में
पुलिस के अनुसार पूरे घटनाक्रम के दौरान सत्तर से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं में उनकी क्या भूमिका रही।अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान और गतिविधियों की जांच की जा रही है। यदि किसी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो उसे औपचारिक रूप से आरोपी बनाया जा सकता है। वहीं कई सामाजिक संगठनों ने हिरासत में लिए गए लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।इस कार्रवाई के बाद राजधानी में आंदोलनकारी संगठनों और प्रशासन के बीच तनाव और बढ़ गया है। कई छात्र संगठनों ने भी पूरे घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की है।
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के बाद सामाजिक माध्यम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन को और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता था। उन्होंने अपने समर्थकों से खेद व्यक्त किया और कहा कि कई स्थानों पर हालात अपेक्षा से अधिक बिगड़ गए।दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस का व्यवहार उचित नहीं था और कई लोगों के साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण था और युवाओं की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना था। उन्होंने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने और आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। आने वाले दिनों में आंदोलन की अगली रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री से हुई मुलाकात, मांगों पर हुई चर्चा
प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। इस बैठक में शिक्षा से जुड़े मुद्दों और आंदोलनकारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात सरकार के सामने रखते हुए समाधान की मांग की।पार्टी का कहना है कि वह लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रतिनिधियों के अनुसार बैठक सकारात्मक रही और उन्हें आगे भी संवाद जारी रखने का आश्वासन मिला है। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और ठोस निर्णय की आवश्यकता है।मुलाकात के बावजूद आंदोलन समाप्त करने के संकेत नहीं मिले हैं। पार्टी का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक के आंदोलन पर भी बनी हुई है नजर
दिल्ली में चल रहे विभिन्न आंदोलनों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पहले यह माना जा रहा था कि वह अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं, लेकिन अब उनके समर्थकों का कहना है कि आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।राजधानी में एक साथ कई आंदोलनों के सक्रिय होने के कारण प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ गई है। दिल्ली पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।