देश का बंटवारा धर्म के नाम पर नहीं हो सकता:स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- बौद्ध अनुयायियों की भीड़ रोकने की कोशिश
फर्रुखाबाद के संकिसा में बुद्ध महोत्सव के दौरान रविवार देर रात पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर बौद्ध धर्म के अनुयायियों की बढ़ती भीड़ को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से आने पर रोक लगने के बावजूद महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मौर्य ने दावा किया कि पहले लाखों लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से संकिसा आते थे, लेकिन अब इन पर रोक लगाकर कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इस आरोप पर सरकार या प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया। शिक्षा और ज्ञान से होगा समाज का विकास भगवान बुद्ध के संदेश ‘अपना प्रकाश स्वयं बनो’ का जिक्र करते हुए मौर्य ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान से ही समाज आगे बढ़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि देश में पुरातात्विक खुदाई के दौरान बुद्ध से जुड़ी प्रतिमाएं और अवशेष मिलते हैं। फतेहपुर में मिली 12 इंच की प्रतिमा का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने सम्राट अशोक के कार्यों का जिक्र करते हुए बुद्ध के विचारों के महत्व पर बात रखी। हिंदू राष्ट्र की मांग का किया विरोध मौर्य ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग का विरोध करते हुए कहा कि देश एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर देश का बंटवारा नहीं किया जा सकता। उनका दावा था कि दुनिया के 149 देश बुद्ध के बताए रास्ते पर चलते हैं और उनके जन्म व ज्ञान प्राप्ति से जुड़े स्थलों के महत्व को नकारा नहीं जा सकता। गरीबी, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल मौर्य ने कहा कि देश में करोड़ों गरीब परिवार आज भी राशन के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षा, रोजगार और गरीबों की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की। उन्होंने शराब की दुकानों का भी जिक्र किया और दावा किया कि उनकी पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाद योगी सरकार को स्कूल बंद करने का फैसला वापस लेना पड़ा था।
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