एक्सप्रेसवे बनने से अलावलपुर के खेतों का रास्ता प्रभावित:ग्रामीणों ने खेतों तक सुरक्षित मार्ग, नहर की नाली और श्मशान घाट के रास्ते की मांग की
बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद ग्राम अलावलपुर के किसानों और ग्रामीणों के सामने खेतों तक पहुंचने और श्मशान घाट जाने की समस्या खड़ी हो गई है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण बागपत डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक के नाम मांग पत्र देकर खेतों तक सुरक्षित रास्ता, नहर की नाली की व्यवस्था और श्मशान घाट तक सुगम मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण से पहले किसानों को अपने खेतों तक आने-जाने के लिए उचित रास्ता उपलब्ध था। नहर की नाली की व्यवस्था भी ठीक थी। लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद खेतों तक जाने वाला रास्ता प्रभावित हो गया है। इससे किसानों को ट्रैक्टर और अन्य कृषि वाहन खेतों तक ले जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ता खराब होने के कारण ट्रैक्टर पलटने और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। वहीं, नहर की नाली की उचित व्यवस्था नहीं होने से खेतों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। इससे किसानों को खेती-किसानी के काम में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते की समस्या को सबसे गंभीर बताया। उनका कहना है कि उचित मार्ग नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को परेशानी होती है। कई बार मजबूरी में खेतों से होकर शव को श्मशान घाट तक ले जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को सामाजिक और धार्मिक स्तर पर भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में एनएचएआई और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि खेतों तक सुरक्षित रास्ता बनाया जाए, नहर की नाली का पुनर्निर्माण कराया जाए और श्मशान घाट तक सुगम मार्ग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही मौके का निरीक्षण कर समस्या का समयबद्ध समाधान करने की मांग की है।
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