लखनऊ ट्रिपल मर्डर: बुलडोजर-कार्रवाई से नाखुश परिवार CM से मिलेगा:2 आरोपी अब भी फरार, पीड़ित को दोबारा हमले का डर; घर के आसपास पुलिस तैनात
लखनऊ में हुए ट्रिपल मर्डर के दो आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। इनमें जिला बदर रह चुका राजेश शुक्ला भी शामिल है।आरोपियों के फरार होने से पीड़ित परिवार को दोबारा हमले का डर सता रहा है। एहतियातन परिवार के घर के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, परिवार पुलिस और प्रशासन की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। अंतिम संस्कार के बाद की रस्में पूरी कर परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी पीड़ा बताने की तैयारी कर रहा है। करीब 50 साल पहले शिवाजी तिवारी के पिता चंद्रभान तिवारी ने आरोपी परिवार को अपनी कॉलोनी में बसाया था। दोनों परिवारों के बच्चे साथ पले-बढ़े और तीन पीढ़ियों तक सुख-दुख बांटते रहे। लेकिन कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद ने इस रिश्ते को ऐसा खत्म किया कि अब एक परिवार के तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… बुलडोजर चलाकर खानापूर्ति की गई मृतक शिवाजी तिवारी के फुफेरे भाई मनोज अवस्थी ने कहा कि मंगलवार शाम लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने आरोपियों के घर सील किए, लेकिन मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर को छोड़ दिया गया। इसके बाद रात में चारदीवारी पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की खानापूर्ति की गई। परिवार इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। हमारी मांग है कि आरोपियों के पूरे घर ध्वस्त किए जाएं। ‘परिवार में कोई पुरुष नहीं बचा, अब पालन-पोषण की जिम्मेदारी सीएम संभालें’ मनोज अवस्थी ने कहा कि अगर आरोपियों के पूरे घर नहीं गिराए गए तो परिवार मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। उन्हें अपनी पीड़ा बताएगा। मुख्यमंत्री से कहेंगे कि परिवार में अब कोई पुरुष नहीं बचा है। ऐसे में परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी वे संभालें। हम लोग उन्हीं की चौखट पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि आरोपी राजेश शुक्ला पहले जिला बदर रह चुका है और अब फरार है। उससे परिवार को खतरा है। वह कभी भी दोबारा हमला कर सकता है। पुलिस को उसे तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए। 50 साल पहले बसाया था जिस परिवार को करीब 50 साल पहले पूर्वजों ने अपनी कॉलोनी में पनाह दी, उसे 10 साल तक बिना किराया लिए घर में रखा। दोनों परिवारों के बच्चे साथ पले-बढ़े। एक-दूसरे के पिता को चाचा और मां को चाची कहते थे। घरों के बीच इतनी आत्मीयता थी कि रसोई तक में आना-जाना था। लेकिन बरगद के पेड़ के पास चंद कदम जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि छह महीने में सबकुछ बदल गया। जिस परिवार के साथ तीन पीढ़ियों ने सुख-दुख बांटे, उसी परिवार पर तीन लोगों की हत्या का आरोप है। मनोज अवस्थी ने किया तीनों का अंतिम संस्कार शिवाजी तिवारी के फुफेरे भाई मनोज अवस्थी ने तीनों का अंतिम संस्कार किया। उन्होंने बताया कि करीब 50 साल पहले शिवाजी के पिता चंद्रभान तिवारी ने आरोपित परिवार को कॉलोनी में बसाया था। उस समय परिवार के मुखिया डीके शुक्ला की हरदोई की कॉटन मिल में नौकरी लगवाने में भी मदद की थी। मनोज ने कहा कि कभी दोनों परिवारों के बीच इतना गहरा अपनापन था कि किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन यही रिश्ता इस तरह खत्म हो जाएगा। महज छह महीने में सबकुछ बदल गया। अब शिवाजी के परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। सुयश और ऋषभ बचपन से थे दोस्त दोनों परिवारों के बीच रिश्तों की गहराई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुयश और ऋषभ बचपन से अच्छे दोस्त थे। दोनों सीएमएस अशरफाबाद में पढ़ते थे। ऋषभ एक कक्षा आगे था, लेकिन दोनों की दोस्ती में इसका कोई फर्क नहीं पड़ता था। दोनों एक ही रिक्शे से स्कूल आते-जाते थे। छुट्टी के बाद साथ खेलते और मेला-बाजार भी साथ जाते थे। परिवार की महिलाओं के बीच भी अच्छी दोस्ती थी। दोनों घरों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते थे। करीब पांच दशक में पनपा यह अपनापन कुछ कदम जमीन पर कार खड़ी करने के विवाद में इस कदर बिखरा कि एक परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। पीछे रह गईं तीन महिलाएं और रिश्तों के इस दर्दनाक अंत की यादें। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने फोन पर की बात कांग्रेस के नगर अध्यक्ष डॉ. शहजाद आलम बुधवार सुबह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने फोन पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोना मिश्रा से परिवार की बात कराई। मृतक शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू की बेटी सुमेधा और मनोज अवस्थी ने पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष जताया। इस पर मोना मिश्रा ने परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। कार खड़ी करने के विवाद में तीन की हत्या सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में 26 अक्टूबर की सुबह चबूतरे की जमीन के पास कार खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद में ऋषभ शुक्ला ने पड़ोसी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और बेटे सुयश तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में ऋषभ शुक्ला, राजेश शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना बाबू, दिव्या, प्रिया और आदिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें राजेश शुक्ला और दिव्या अब तक फरार हैं। डीसीपी पश्चिमी जितेंद्र श्रीवास्तव बोले- फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल तैनात है। पढ़िए क्या था मामला ? सआदतगंज के ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर ऋषभ शुक्ला (30) ने 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक शिवाजी तिवारी (62) सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी थे। RSS के जिला सर कार्यवाह भी रहे थे। शिवाजी के भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु लखनऊ यूनिवर्सिटी में काम करते थे। शिवाजी का बेटा सुयश (30) का बिजली के सामान का कारोबार था। 5 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी। आरोपी ऋषभ मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर था।
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