गृह मंत्री अमित शाह का अयोध्या दौरा रद्द:दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे शामिल की चर्चा, रामायण के प्रसंगों से सजेंगे शहर के प्रवेश द्वार

Nov 04, 2026 - 08:34
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गृह मंत्री अमित शाह का अयोध्या दौरा रद्द:दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे शामिल की चर्चा, रामायण के प्रसंगों से सजेंगे शहर के प्रवेश द्वार
रामनगरी में सात नवंबर को होने वाले दसवें दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। इसी बीच मुख्य अतिथि को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दीपोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द होने की चर्चा है। मंगलवार शाम प्रशासनिक हलकों में इसकी खबर तेजी से फैली। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक, अब उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के अयोध्या आने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया था। अमित शाह के संभावित दौरे को लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां की थीं। रामायण के प्रसंगों से सजेगी रामनगरी इस बार दीपोत्सव में शहर की सजावट भी खास होगी। प्रवेश मार्गों से राम की पैड़ी तक रामायण के प्रसंग दिखाई देंगे। इसके लिए 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार और 20 सेल्फी प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। तीन प्रवेश द्वार हाईवे के रास्तों पर और 10 राम की पैड़ी क्षेत्र में होंगे। इन पर रामायण की चौपाइयां भी अंकित की जाएंगी। सेल्फी प्वाइंट पर धनुष भंग, राम-सीता विवाह, शबरी की भक्ति, राम-भरत मिलाप, निषादराज से मित्रता और जटायु प्रसंग को कलाकृतियों के जरिए दर्शाया जाएगा। हनुमान की लीलाएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। 56 घाटों पर आज से सजेंगे 30 लाख दीप दीपोत्सव में सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीप सजाने का लक्ष्य है। बुधवार से दीप बिछाने का काम शुरू होगा। छह नवंबर की शाम तक सभी घाटों पर दीप सजाने की तैयारी है। सात नवंबर को तेल और बाती डालकर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। अवध विश्वविद्यालय ने स्वयंसेवकों की तैनाती और परिवहन की व्यवस्था पूरी कर ली है। बुधवार सुबह आठ बजे विश्वविद्यालय परिसर से 25 बसों में स्वयंसेवकों को घाटों के लिए रवाना किया जाएगा। सभी बसों के रूट और समय तय किए गए हैं, ताकि स्वयंसेवक समय से अपने निर्धारित घाटों पर पहुंच सकें। इस बार मशालों से बनेगी राम की आकृति दीपोत्सव में इस बार नया प्रयोग होगा। पहले दीपों से भगवान राम की आकृति बनाई जाती थी। इस बार विद्यार्थी मशालों से राम की आकृति बनाएंगे। इससे घाटों पर दीपों की रोशनी के बीच एक अलग दृश्य आकर्षण देखने को मिलेगा।

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