थाली पर महंगाई का बोझ , आम आदमी का बजट बिगड़ा
मार्च 2026 में भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 3.40% और फूड इन्फ्लेशन 3.87% पहुंच गया। खाने-पीने की चीजों और तेल कीमतों में उछाल से आम आदमी का बजट प्रभावित हुआ। RBI ने फिलहाल रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है।
दि राइजिंग न्यूज | 13 अप्रैल 2026 ।
भारत में महंगाई एक बार फिर आम लोगों की रसोई पर दबाव बढ़ाती नजर आ रही है। मार्च 2026 में रिटेल महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 3.40% पर पहुंच गई, जो फरवरी में 3.21% थी। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ऊर्जा कीमतों में तेजी मानी जा रही है।
खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी
ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च में फूड इन्फ्लेशन (Food Inflation) बढ़कर 3.87% हो गया, जो फरवरी में 3.47% था। इसका सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ रहा है, क्योंकि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं महंगी हो गई हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में फूड इन्फ्लेशन: 3.96%
- शहरी क्षेत्रों में फूड इन्फ्लेशन: 3.71%
यह साफ संकेत देता है कि महंगाई का असर सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों में भी उतना ही महसूस किया जा रहा है।
पश्चिम एशिया तनाव का असर
पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव, खासकर ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक हालात, ऊर्जा कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर परिवहन और खाद्य आपूर्ति पर पड़ता है, जिससे महंगाई और बढ़ती है।
RBI सतर्क
Reserve Bank of India (RBI) ने हाल ही में अपनी मौद्रिक नीति बैठक (8 अप्रैल 2026) में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। केंद्रीय बैंक फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
RBI के अनुसार:
- बढ़ती तेल कीमतें चिंता का विषय हैं
- जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप किया जा सकता है
- मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जाएगा
राहत या चिंता?
हालांकि महंगाई में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अभी भी RBI के 4% के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है, जो कुछ हद तक राहत की बात है। फिर भी, लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें आम लोगों के बजट को प्रभावित कर सकती हैं।