एनक्रिप्टेड ऐप्स और चीनी सैटेलाइट के जरिए पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में थे आतंकी

दि राइजिंग न्यूज। 28 अप्रैल 2025 ।  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस हमले की जांच शुरू की है और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आतंकियों ने एनक्रिप्टेड ऐप्स और चीनी सैटेलाइट फोन का उपयोग करके अपने हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखा। इसके अलावा, आतंकियों के पास से Huawei ब्रांड के मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिससे चीन के साथ संभावित तकनीकी संबंधों की जांच की जा रही है।

एनक्रिप्टेड ऐप्स और चीनी सैटेलाइट के जरिए पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में थे आतंकी

दि राइजिंग न्यूज। 28 अप्रैल 2025 । 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस हमले की जांच शुरू की है और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आतंकियों ने एनक्रिप्टेड ऐप्स और चीनी सैटेलाइट फोन का उपयोग करके अपने हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखा। इसके अलावा, आतंकियों के पास से Huawei ब्रांड के मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिससे चीन के साथ संभावित तकनीकी संबंधों की जांच की जा रही है।

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बाइसारन घाटी में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में गहरा तनाव पैदा कर दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई, जिनमें 25 हिंदू पर्यटक, एक ईसाई पर्यटक और एक स्थानीय मुस्लिम शामिल थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान-आधारित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह "द रेजिस्टेंस फ्रंट" (TRF) ने ली है।


भारत की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने इस हमले के बाद कड़े कदम उठाए हैं:

  • सिंधु जल संधि का निलंबन: भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिससे पाकिस्तान की जल आपूर्ति और कृषि पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। 

  • वीजा और राजनयिक संबंधों में कटौती: सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, दोनों देशों के उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या घटाकर 30 कर दी गई है।

  • सैन्य तैयारी: भारतीय नौसेना ने लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिससे सैन्य तैयारियों का संकेत मिलता है। 


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि "नागरिकों पर हमले किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं"।


निष्कर्ष

पहलगाम आतंकी हमला भारत की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसने भारत-पाकिस्तान संबंधों में नई दरारें पैदा की हैं। भारत ने इस हमले के जवाब में कड़े कदम उठाए हैं, जबकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है। इस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, ताकि दोनों देशों के बीच तनाव को कम किया जा सके और क्षेत्र में शांति स्थापित की जा सके।