US-इजरायल संघर्ष के बीच ईरान के नए हथियारों का खुलासा

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनावपूर्ण संघर्ष के बीच ईरान द्वारा गुपचुप तरीके से नई पीढ़ी के घातक ड्रोन और अपग्रेडेड मिसाइल सिस्टम विकसित करने का दावा सामने आया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता के अनुसार, युद्ध के दौरान ही इन हथियारों को तैयार कर सेना में शामिल किया गया। साथ ही ईरान ने घरेलू सैन्य उत्पादन और तकनीकी अनुसंधान को भी तेज किया है।

US-इजरायल संघर्ष के बीच ईरान के नए हथियारों का खुलासा

दि राइजिंग न्यूज़ | तेहरान | 29 जून 2026

युद्ध के बीच ईरान का बड़ा दावा

तेहरान में ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान भी ईरान ने अपने सैन्य आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज रखा। उनके अनुसार, ईरान ने केवल जवाबी हमलों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि नई सैन्य तकनीक विकसित करने पर भी समान रूप से काम किया।


नई पीढ़ी के ड्रोन और मिसाइल सिस्टम

ईरानी सेना के अनुसार, युद्ध के दौरान नई पीढ़ी के ड्रोन और अपग्रेडेड मिसाइल सिस्टम विकसित किए गए, जिन्हें अब सेना में शामिल किया जा चुका है। इन हथियारों को पहले से ज्यादा सटीक, घातक और लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम बताया जा रहा है।प्रवक्ता ने कहा कि ये सिस्टम पहले विकसित हो रहे मॉडलों से भी अधिक उन्नत हैं और आने वाले समय में इनकी क्षमताओं को सार्वजनिक किया जाएगा।


युद्ध के दौरान भी जारी रहा रिसर्च

ब्रिगेडियर जनरल अकरामिनिया ने बताया कि ईरान ने युद्ध के दौरान भी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर काम जारी रखा। पुराने हथियारों के साथ-साथ नए सिस्टम पर लगातार परीक्षण किया गया और उन्हें धीरे-धीरे सेना में शामिल किया गया।


घरेलू उत्पादन और सैन्य रणनीति

ईरान ने दावा किया है कि वह अब घरेलू सैन्य उत्पादन को तेजी से बढ़ा रहा है और साथ ही मित्र देशों से आधुनिक हथियार और तकनीक हासिल करने पर भी काम कर रहा है। इसका उद्देश्य अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत करना है।


संघर्ष और कूटनीतिक घटनाक्रम

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र और इजरायल के खिलाफ कई जवाबी हमले किए।बाद में 15 जून को पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष रोकने को लेकर एक समझौते की घोषणा भी की गई, जिसमें क्षेत्रीय तनाव कम करने और कुछ प्रतिबंधों में राहत की बात शामिल थी।