झांसी में काली सरकार को फिर पकड़ने पहुंची हरदोई पुलिस:लूट केस में गैर जमानती वारंट जारी, जमानतदार भक्त पुलिस गाड़ी से कूदकर भागा
झांसी में ‘काली सरकार’ के नाम से दरबार लगाने वाले प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज को शनिवार शाम हरदोई पुलिस फिर से पकड़ने पहुंची। उसके खिलाफ लूट के मामले में गैर जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ है। पुलिस को प्रदीप शुल्का मंदिर पर नहीं मिला। तलाश करने पर कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने उसके भक्त शिवेंद्र को पकड़ लिया। काली सरकार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस उसे कार से ले जा रही थी। तभी वह चलती कार से पुलिस को धक्का देकर कूद गया। उसके पैर में फैक्चर है। शिवेंद्र ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाया है। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। मऊरानीपुर पुलिस ने शिवेंद्र पर केस दर्ज किया है। मामला जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर दूर मऊरानीपुर थाना क्षेत्र का है। इससे पहले 10 अक्टूबर को हरदोई पुलिस ने प्रदीप शुक्ला को 30 साल पुराने लूट के मामले में हिरासत में लिया था। हालांकि, अगले दिन कोर्ट से राहत मिलने पर वह झांसी लौट आया। तब शिवेंद्र ही अपनी सुपुर्दगी में प्रदीप को लाया था। आरोप है कि वह करीब 22 साल से पहचान छिपाकर रह रहा था। आर्मी जैसी ड्रेस पहनकर दिव्य दरबार लगाता था और बीमारियां ठीक करने का दावा करता था। 3 तस्वीरें देखिए जानिए पूरा मामला... मऊरानीपुर सीओ रत्नेश्वर सिंह ने बताया- कुरैंचा गांव में काली सरकार उर्फ प्रदीप शुक्ला मंदिर में रहकर दरबार लगाता है। लूट के मामले में कोर्ट में पेश न होने पर उसके खिलाफ हरदोई कोर्ट से गैर जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ था। शनिवार को हरदोई पुलिस मऊरानीपुर थाने में आई थी। यहां से दरोगा प्रांजल सिंह के साथ काली सरकार के मंदिर पर गई, लेकिन वहां पर काली सरकार नहीं मिले। पूर्व में जब काली सरकार उर्फ प्रदीप शुक्ला को हरदोई पुलिस ले गई थी तो कुरैंचा निवासी शिवेंद्र अपनी सुपुर्दगी में उसे वापस लाए थे। जब काली सरकार नहीं मिले तो पुलिस शिवेंद्र के ढाबा पर पहुंची। शिवेंद्र से काली सरकार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए हरदोई पुलिस अपनी निजी कार से बैठाकर ला रही थी। चलती कार से शिवेंद्र पुलिस को धक्का देकर कूद गया। जिस पर उसको चोट आ सकती है। उसके खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है। अब जानिए 22 साल बाद काली बाबा की कैसे खुली पोल... हिस्ट्रीशीटर काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज लूट और मारपीट के मामलों में आरोपी है। हरदोई से भागने के बाद वह मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में रहने लगा था। यहां उसने अपना नाम बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख लिया था। साथ ही, बाबा बनकर दिव्य दरबार लगाने लगा था। उसके दरबार में सैकड़ों लोग पहुंचते थे। वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। मऊरानीपुर सीओ रत्नेश्वर सिंह ने बताया था- प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। 1993 में पुलिस ने उसे लूट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 1998 में उसके खिलाफ मारपीट का एक और मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिए थे। हरदोई पुलिस करीब 12 साल से उसकी तलाश कर रही थी। नाम बदलकर मंदिर में रह रहा था कुछ समय पहले पुलिस को बाबा के झांसी में होने के बारे में पता चला। पुलिस ने जांच की, तो उसके ठिकाने का भी पता चल गया। 10 अक्टूबर को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मंदिर में दबिश देकर काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला को हिरासत में लिया था। हरदोई पुलिस उसे हरदोई ले गई। जहां उसे कोर्ट से राहत मिल गई थी। इसके बाद वह झांसी लौट आया था। बच्चे से यौन उत्पीड़न का केस दर्ज हुआ एक व्यक्ति ने प्रदीप शुक्ला पर पोते से यौन उत्पीड़ने करने का आरोप लगाया था। दादा ने पुलिस को बताया था- मेरा पोता 12 साल का है। वो गांव के काली सरकार मंदिर में हर रोज दर्शन करने के लिए जाता था। मंदिर के पुजारी सत्यानंद शुक्ला है, जिसका असली नाम प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज है। वो दरबार लगाता है। पोते के नियमित मंदिर जाने से बाबा ने संपर्क बढ़ा लिया। पैसे, खाने-पीने और नए कपड़े देने के बहाने वह बच्चे को अपने पास बुलाने गया। कुछ दिन पहले पोता घर नहीं आया। फोन करने पर प्रदीप उर्फ नटरोज ने कहा कि काफी रात हो गई, वह उसे सुबह भेज देगा। सुबह भी उसने नहीं भेजा। पोते को लेकर वह हरिद्वार चला गया। इसके बाद उसे दिल्ली, लखनऊ लेकर गया। यहां उसका यौन शोषण किया। प्रदीप लगातार फोन पर अपनी लोकेशन बताता रहा। करीब 4 दिनों तक पोते के न आने पर मैंने पुलिस में शिकायत कर देने की बात कही तब आरोपी 22 अक्टूबर को पोते को लेकर झांसी आया। उसने किसी को कुछ बताने पर पोते को जान से मार देने की धमकी देकर डराया-घमकाया। घर आने पर पोते रोने लगा। पूछने पर उसने आरोपी की सारी करतूत बताई। दो दिन पहले पुलिस ने केस दर्ज किया था। इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बाबा ने करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर ‘काली सरकार’ के नाम से पेज बनाया था। इस पर उसके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था। स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को भी दरबार लगाता था। इन दरबार में वह हर बीमारी ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। नवरात्र की वजह से काली सरकार ने सोशल मीडिया पर सूचना जारी कर 9 दिन तक दरबार बंद रखने के बारे लोगों को बताया ता। हालांकि, नवरात्र के पहले दिन ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)