विपक्षी नेताओं को जेल में बंद किया जा रहा:शिवपाल ने आजम खान की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा, कहा- 2027 में जनता जवाब देगी
इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजम खान झूठे मुकदमों में जेल में बंद थे। जमानत पर जेल से बाहर आते ही ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने इसे सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया। शिवपाल सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में संकट के हालात हैं और विपक्ष के नेताओं को जेलों में बंद किया जा रहा है। ऐसे समय में कवियों और साहित्यकारों ने अपनी कलम के माध्यम से विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार के खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी और उसे सत्ता से हटाने के लिए जनता को आगे आना होगा। उत्तर प्रदेश की जनता ने अब मन बना लिया है। वह जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के रामलीला मैदान में शनिवार रात करीब आठ बजे आयोजित कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है। उनके मुताबिक, सरकार लोकतंत्र और संविधान की भावना का सम्मान नहीं कर रही है और न्यायालय के फैसलों को भी नहीं मान रही है। ऐसी स्थिति में सरकार की नीतियों और कार्रवाई का विरोध किया जाना चाहिए। एमएलसी चुनाव का जिक्र करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर शासन और प्रशासन ने चुनाव में बेईमानी कराई। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव निष्पक्ष तरीके से होते तो समाजवादी पार्टी सभी 11 सीटों पर जीत हासिल करती। उन्होंने गोरखपुर और मेरठ में चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया। वहीं, आगरा में पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल को जीत के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में छात्र, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी समेत समाज का हर वर्ग मौजूदा सरकार से परेशान है। जनता के बीच सरकार के खिलाफ नाराजगी है। विपक्ष के नेता जेलों में भी ठूंसे जा रहे शिवपाल सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा- जब-जब देश पर संकट आया है, लोकतंत्र खतरे में पड़ा है। या जब-जब देश में लोकतंत्र पर खतरा पैदा हुआ है, बहुत से संकट आए, जनता पर भी संकट आए और विपक्ष के नेता जेलों में भी ठूंस दिए गए। तब लेखकों ने, कवियों ने, साहित्यकारों ने अपनी कलम से इसका विरोध किया है, डट करके विरोध किया है। देश पर जब-जब संकट पैदा हुआ, जनता पर जहां-जहां दिक्कतें आईं, तो साहित्यकार और कवियों ने उसका विरोध किया है। आज भी जरूरत है, आज समझ रहे होंगे कि मोहम्मद आजम खान कितने झूठे मुकदमों में जेल में बंद हैं। और जब न्यायालय के द्वारा जमानत पर छूट रहे थे, जैसे जेल से बाहर निकले, बताओ सरकार के इशारे पर ईडी ने गिरफ्तार करना चाहा। अभी भी विरोध चल रहा जेल के बाहर। जैसे जेल से निकले ईडी के लोग आ गए और उन्हें ले जाने की कोशिश करने लगे। बताओ ऐसी जुल्मी सरकारों के खिलाफ तो फिर बोलना ही पड़ेगा और ऐसी जुल्मी सरकारों को तो हटाना ही पड़ेगा।
और मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश की जनता ने मन बना लिया है। जहां-जहां इस तरीके की अगर सरकारें होंगी तो जनता उन्हें... और ऐसा माहौल अब उत्तर प्रदेश में बनता चला जा रहा है। ऐसी सरकारें जो जुल्मी सरकारें हैं, जो लोकतंत्र संविधान को नहीं मानते हैं, संविधान को नहीं मानते हैं, न्यायालय की बात को नहीं मानते हैं... हम तो फिर डट करके विरोध करना... विरोध करना पड़ेगा। और हमारे साथ-साथ कवि भी अपनी लेखनी द्वारा, अपनी आवाज के द्वारा जरूर विरोध करते रहे हैं और करेंगे। मुझे विश्वास है..."
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)