जीतू पटवारी के भाई से घंटों पूछताछ, मादक पदार्थ प्रकरण पर गरमाई राजनीति

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से मादक पदार्थ प्रकरण में पुलिस ने कई घंटों तक पूछताछ की। पुलिस ने कार्रवाई को जांच का हिस्सा बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए राज्य सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

जीतू पटवारी के भाई से घंटों पूछताछ, मादक पदार्थ प्रकरण पर गरमाई राजनीति

दि राइजिंग न्यूज़ | इंदौर | 10 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से मादक पदार्थ प्रकरण में पुलिस ने कई घंटों तक पूछताछ की। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

मादक पदार्थ प्रकरण में जीतू पटवारी के भाई से घंटों पूछताछ, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश में मादक पदार्थ प्रकरण को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पुलिस ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की और बाद में उन्हें छोड़ दिया। इस घटना के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। अब यह मामला केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

मादक पदार्थ तस्करी की सूचना के बाद शुरू हुई पूरी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार राजेंद्र नगर क्षेत्र में मादक पदार्थों की आपूर्ति किए जाने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से लगभग 10.8 ग्राम प्रतिबंधित ब्राउन शुगर बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई तथा पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

पूछताछ में सामने आए नाम, फिर बुलाए गए नाना पटवारी

पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे लोगों के नाम सामने आए, जिनसे कथित रूप से उनका संपर्क था। इन्हीं जानकारियों के आधार पर कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी और मानव गंगवानी को पूछताछ के लिए बुलाया गया। अधिकारियों ने दोनों से कई घंटे तक अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ की और उपलब्ध तथ्यों का मिलान किया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जांच प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा थी और किसी भी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले सभी साक्ष्यों की गहन जांच की जाएगी।

पूछताछ के बाद रिहा, जांच अभी भी जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक पूछताछ पूरी होने के बाद नाना पटवारी को छोड़ दिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि आगे किसी नए साक्ष्य या जानकारी की आवश्यकता महसूस हुई तो संबंधित व्यक्तियों को दोबारा भी बुलाया जा सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि विपक्ष के नेताओं और उनके परिवारों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का उपयोग कर रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी के परिवार को विवादों में घसीटना उचित नहीं माना जा सकता।

जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके भाई को बिना पूर्व सूचना के हिरासत में लेकर सरकार ने राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को कमजोर करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दबाव के बावजूद कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है और जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।

पुलिस ने क्या कहा

पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई पूरी तरह जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। अधिकारियों के अनुसार मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और किसी भी व्यक्ति के साथ कानून से अलग व्यवहार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी और सभी निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होंगे।

क्या होती है ब्राउन शुगर

ब्राउन शुगर एक प्रतिबंधित मादक पदार्थ है, जिसे निम्न गुणवत्ता वाली हेरोइन का रूप माना जाता है। इसमें कई प्रकार के रासायनिक पदार्थ मिलाए जाते हैं, जिससे इसका रंग हल्का भूरा दिखाई देता है। भारत में मादक पदार्थ और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत इसके निर्माण, खरीद, बिक्री, परिवहन, भंडारण और सेवन पर सख्त प्रतिबंध है। इस कानून के उल्लंघन पर कठोर दंड और कारावास का प्रावधान किया गया है।

जांच और राजनीति दोनों पर बनी रहेगी नजर

यह मामला अब केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की राजनीति का भी महत्वपूर्ण विषय बन गया है। एक ओर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच करने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण बता रही है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और इस प्रकरण में सामने आने वाले नए तथ्यों पर सभी की नजर बनी रहेगी।