जम्मू-कश्मीर के 84 एनसीसी कैडेट्स ने सुरक्षा के गुर सीखे:एसएसबी डीआईजी और कमांडेंट ने राष्ट्रसेवा, अनुशासन के लिए प्रेरित किया

Oct 26, 2026 - 16:03
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जम्मू-कश्मीर के 84 एनसीसी कैडेट्स ने सुरक्षा के गुर सीखे:एसएसबी डीआईजी और कमांडेंट ने राष्ट्रसेवा, अनुशासन के लिए प्रेरित किया
श्रावस्ती में सोमवार को जम्मू-कश्मीर के 84 एनसीसी कैडेट्स ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनपथरी सीमा चौकी का भ्रमण किया। दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच पहुंचे कैडेट्स को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा में बल की भूमिका, राष्ट्रसेवा के महत्व और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में करियर बनाने के अवसरों की जानकारी दी। ऑल इंडिया यूपी ट्रेक-II कार्यक्रम के तहत पहुंचे कैडेट्स 51वीं उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी, बलरामपुर के तत्वावधान में आयोजित ‘ऑल इंडिया यूपी ट्रेक-II’ कार्यक्रम के तहत 2nd जम्मू-कश्मीर बटालियन एनसीसी के 84 कैडेट्स सोनपथरी पहुंचे। कैडेट्स का नेतृत्व एनसीसी अधिकारी अनिल कुमार शर्मा, संदीप केरी और राजेश्वर सिंह के साथ हवलदार ज्ञान बहादुर एवं हवलदार रजनीश सिंह ने किया। इससे पहले 25 अक्टूबर को सशस्त्र सीमा बल के क्षेत्रक मुख्यालय लखीमपुर खीरी के उप-महानिरीक्षक वी. विक्रमण और 62वीं वाहिनी, भिनगा के कमांडेंट अमरेंद्र कुमार वरुण ने भी सोनपथरी सीमा चौकी का भ्रमण किया था। एसएसबी के इतिहास और सीमा सुरक्षा की दी जानकारी भ्रमण के दौरान उप-महानिरीक्षक वी. विक्रमण और कमांडेंट अमरेंद्र कुमार वरुण ने एनसीसी अधिकारियों और कैडेट्स को संबोधित किया। उन्होंने एसएसबी के गौरवशाली इतिहास, कर्तव्यनिष्ठ परंपराओं और भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी महत्वपूर्ण है। सीएपीएफ में करियर बनाने के अवसर बताए अधिकारियों ने कैडेट्स को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में उपलब्ध करियर के अवसरों, भर्ती प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता और चयन के लिए जरूरी शारीरिक दक्षता की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को नियमित तैयारी करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और साहस व कर्तव्यपरायणता जैसे गुण अपनाने के लिए प्रेरित किया। सोनपथरी और सुहेलवा वन्यजीव क्षेत्र का महत्व समझा कैडेट्स को सोनपथरी और सुहेलवा वन्यजीव क्षेत्र के भौगोलिक, प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व की जानकारी भी दी गई। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र की परिस्थितियों, प्राकृतिक विशेषताओं और सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य कैडेट्स में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करना था। अधिकारियों के मार्गदर्शन से कैडेट्स को भविष्य में राष्ट्रसेवा और सुरक्षा बलों में करियर बनाने के संबंध में उपयोगी जानकारी मिली।

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