भारतीय को मिली वॉट्सऐप की कमान
भारत के प्रमुख उद्यमी और क्रेड के संस्थापक कुणाल शाह को वॉट्सऐप का नया ग्लोबल सीईओ नियुक्त किया गया है। मेटा ने मौजूदा सीईओ विल कैथकार्ट की जगह उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी का मानना है कि एआई और डिजिटल कम्युनिकेशन के बदलते दौर में कुणाल शाह वॉट्सऐप को नई दिशा देंगे।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 जून 2026
वॉट्सऐप की कमान अब भारतीय के हाथ
दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप को नया नेतृत्व मिल गया है। मेटा ने क्रेड के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुणाल शाह को वॉट्सऐप का नया ग्लोबल सीईओ नियुक्त किया है। वह मौजूदा सीईओ विल कैथकार्ट की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे।यह नियुक्ति वैश्विक तकनीकी जगत के लिए बड़ी खबर मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार एक भारतीय उद्यमी दुनिया के सबसे प्रभावशाली संचार मंचों में से एक का नेतृत्व करेगा।
क्रेड के संस्थापक हैं कुणाल शाह
कुणाल शाह भारत के चर्चित उद्यमियों में गिने जाते हैं। उन्होंने फिनटेक कंपनी क्रेड की स्थापना की थी। शुरुआत में क्रेड को क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया गया था।समय के साथ कंपनी ने अपनी सेवाओं का विस्तार किया और आज यह भुगतान, ऋण, वित्तीय प्रबंधन तथा अन्य डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा रही है। क्रेड भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक प्लेटफॉर्मों में शामिल है।
मेटा ने किया बड़ा निवेश
मेटा ने कुणाल शाह की कंपनी क्रेड में लगभग एक अरब डॉलर का निवेश किया है। इस निवेश को कंपनी और कुणाल शाह के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है।मेटा का मानना है कि डिजिटल वित्त और उपभोक्ता तकनीक के क्षेत्र में कुणाल शाह का अनुभव वॉट्सऐप के भविष्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सात साल बाद पद छोड़ रहे हैं विल कैथकार्ट
वॉट्सऐप के मौजूदा प्रमुख विल कैथकार्ट ने सात वर्षों तक कंपनी का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में वॉट्सऐप ने अभूतपूर्व विस्तार हासिल किया और दुनिया भर में तीन अरब से अधिक उपयोगकर्ताओं तक अपनी पहुंच बनाई।कंपनी के प्रोडक्ट हेड क्रिस कॉक्स ने अपने संदेश में कहा कि विल कैथकार्ट ने वॉट्सऐप को विकास और नवाचार के नए स्तर तक पहुंचाया। उनके नेतृत्व में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन आधारित सुरक्षित मैसेजिंग को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान मिली।
प्राइवेसी को बनाया सबसे बड़ी प्राथमिकता
क्रिस कॉक्स ने कहा कि विल कैथकार्ट ने उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता की रक्षा के लिए लगातार काम किया। उन्होंने उन प्रयासों का विरोध किया जिनमें मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में बैकडोर एक्सेस की मांग की गई थी।उनके नेतृत्व में वॉट्सऐप ने कई साइबर खतरों का सामना किया और स्पायवेयर कंपनियों के खिलाफ कानूनी लड़ाइयों में भी सफलता हासिल की। कंपनी ने एनएसओ ग्रुप जैसे मामलों में भी महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
क्यों चुने गए कुणाल शाह
मेटा के अनुसार नए नेतृत्व की तलाश के दौरान ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता थी जो वॉट्सऐप की वैश्विक संभावनाओं को समझ सके, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में आने वाले बदलावों का नेतृत्व कर सके और दुनिया की सबसे बड़ी संचार सेवा को आगे बढ़ाने की क्षमता रखता हो।कंपनी का मानना है कि कुणाल शाह इन सभी मानकों पर खरे उतरते हैं। उनकी उद्यमशील सोच, तकनीकी समझ और वैश्विक दृष्टिकोण उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
25 जून को टीम से होगा औपचारिक परिचय
मेटा ने बताया कि कुणाल शाह ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। 25 जून को आयोजित होने वाली वॉट्सऐप की बैठक में उन्हें आधिकारिक रूप से पूरी टीम से परिचित कराया जाएगा।इस दौरान विल कैथकार्ट के योगदान को भी सम्मानित किया जाएगा और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
मार्क जकरबर्ग ने जताया भरोसा
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने कहा कि विल कैथकार्ट कंपनी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक रहे हैं। उनके नेतृत्व में वॉट्सऐप ने तीन अरब से अधिक उपयोगकर्ताओं तक अपनी पहुंच बनाई और गोपनीयता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए।उन्होंने कहा कि विल अब मेटा के भीतर नई भूमिका में काम करेंगे और नए उत्पादों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
वॉट्सऐप के भविष्य को लेकर बड़ी उम्मीदें
मार्क जकरबर्ग ने कहा कि कुणाल शाह ने क्रेड को भारत की अग्रणी तकनीकी कंपनियों में शामिल किया है। उनके पास उत्पाद निर्माण की गहरी समझ और वैश्विक दृष्टिकोण है।जकरबर्ग के अनुसार कुणाल शाह के नेतृत्व में वॉट्सऐप को और अधिक सक्षम, सुरक्षित और उपयोगी बनाया जाएगा, ताकि यह दुनिया भर के अरबों उपयोगकर्ताओं और लाखों व्यवसायों के लिए सबसे भरोसेमंद संचार मंच बना रहे।
भारतीय तकनीकी जगत के लिए बड़ी उपलब्धि
कुणाल शाह की नियुक्ति भारतीय तकनीकी और स्टार्टअप जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह नियुक्ति दर्शाती है कि भारतीय उद्यमी अब वैश्विक तकनीकी कंपनियों में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका निभाने में सक्षम हैं।दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की कमान एक भारतीय के हाथों में जाना भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रभाव का भी प्रतीक माना जा रहा है।