लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर:नौकरी न मिलने पर जताई नाराजगी , बोले - नियुक्ति ना मिली तो कफन लेकर जाएंगे
लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन जारी है । 57 से दिनों से इको गार्डन में धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सरकार और अधिकारियों कि लापरवाही कि वजह से घर परिवार छोड़ पर धरना देना पड़ रहा है। ये प्रदर्शन अंतिम साँस तक जारी रहेगा। प्रदर्शन कर रहे नवीन चौधरी ने कहा कि मुरादाबाद से आए हैं और 3 महीने से घर छोड़कर इको गार्डन में रह रहे हैं। इन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर भी घर नहीं गया उसके बाद दशहरा आया उसमें भी घर नहीं गया और अब दिवाली आने वाली है अगर नियुक्ति नहीं मिली तो दिवाली पर भी घर नहीं जाएंगे। इन्होंने बताया कि परिवार में इनके अलावा सिर्फ बूढ़े माता-पिता है। कौन है अकेला छोड़कर मजबूरी में यहां पड़े हुए हैं। जब बुजुर्ग मां-बाप फोन करके पूछते हैं कि घर कब आओगे नौकरी कब तक लगेगी तो कोई जवाब नहीं रहता है सिर्फ आंसू निकलते हैं। उन्होंने कहा कि हमने ठान लिया है या तो कफन में जाएंगे या नियुक्ति लेकर उठेंगे। नियुक्ति या फिर मुक्ति इससे कम में समझौता नहीं होगा। मंत्री - अधिकारियों ने घोटाला माना प्रदर्शन करने नसीम ने बताया कि 10 सितंबर को हम सभी लोगों की मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ हुई। इस दौरान बेसिक और माध्यमिक विभाग के तमाम आलाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में दोनों मंत्रियों के साथ अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि घोटाला हुआ है। जब राज्य पिछड़ा आयोग ने मान लिया राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने मान लिया और अब सरकार में बैठे अधिकारी मंत्री भी स्वीकार कर रहे हैं कि घोटाला हुआ है तो रोजगार क्यों नहीं मिलता। मगर अब यह मंत्री भी हमसे मिलने और बात करने कोतैयार थी। ‘2 दिन से भूख हड़ताल पर’ दीपक पटेल ने बताया कि विगत 2 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। ‘8 साल से घिस रहे हैं चप्पल’ दीपक ने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। त्योहार के समय प्रदर्शन करना बहुत दुख की बात है मगर मजबूरी में करना पड़ रहा है। रक्षाबंधन दशहरा गुजर गया करवा चौथ और उसके बाद दिवाली आने वाली है अगर नौकरी नहीं मिली तो हम लोग की दिवाली भी यही मानेगी।
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