मैनपुरी में 5 हजार छात्रवृत्ति आवेदन अटके:डीएम ने चेतावनी दी, रविवार तक डाटा नहीं भेजा तो स्कूलों की मान्यता रद्द होगी
मैनपुरी में माध्यमिक विद्यालयों की लापरवाही से करीब 5 हजार विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन अटक गए हैं। आवेदन की अंतिम तारीख बीतने के बाद भी स्कूलों ने इन्हें अग्रसारित नहीं किया। शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित प्रधानाचार्यों और नोडल अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। डीएम ने रविवार को सभी संबंधित स्कूल खोलने और शाम तक लंबित आवेदन अग्रसारित करने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं होने पर विद्यालयों की मान्यता वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। पिछड़ा वर्ग के सबसे ज्यादा आवेदन लंबित डीएम ने 24 अक्टूबर को पूर्वदशम यानी कक्षा 9-10 और दशमोत्तर यानी कक्षा 11-12 की छात्रवृत्ति योजना के लंबित आवेदनों की समीक्षा की। इसमें सामने आया कि आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख 22 अक्टूबर बीतने के बाद भी बड़ी संख्या में आवेदन स्कूलों के पोर्टल पर लंबित हैं। वर्गवार लंबित आवेदनों की स्थिति इस प्रकार है: पिछड़ा वर्ग: कक्षा 11-12 के 1,851 और कक्षा 9-10 के 1,702 आवेदन। अल्पसंख्यक वर्ग: कक्षा 11-12 के 59 और कक्षा 9-10 के 56 आवेदन। सामान्य वर्ग: कक्षा 11-12 के 181 और कक्षा 9-10 के 182 आवेदन। अनुसूचित जाति वर्ग: कक्षा 11-12 के 491 और कक्षा 9-10 के 508 आवेदन। समयसीमा के बाद भी आवेदन लंबित रहने पर नाराजगी डीएम ने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिलाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर तक आवेदन प्राप्त करने और 23 अक्टूबर तक बायोमीट्रिक सत्यापन या तकनीकी कमियों के कारण अपूर्ण आवेदनों को निरस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में आवेदन लंबित रहना गंभीर अनुशासनहीनता है। कई विद्यालयों में मिले लंबित आवेदन समीक्षा में जगदीश सिंह पाल कुंवर, महारानी अवंतीबाई लोधी, मां सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज, शहीद राम सुदर्शन, देवनगरी इंटर कॉलेज कुरावली टाउन, महाराज सिंह यादव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, स्वामी भक्तानंद, तथागत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और चौधरी पोखन सिंह बालिका इंटर कॉलेज समेत कई संस्थानों के आवेदन लंबित पाए गए। कुछ विद्यालयों के प्रतिनिधि बैठक में भी नहीं पहुंचे। अनुपस्थित विद्यालयों पर भी होगी कार्रवाई डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार को निर्देश दिए कि बैठक में अनुपस्थित रहने और निर्देशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी है। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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