जादू-टोने के शक में युवक की चाकू से हत्या:24 घंटे शव रखकर इंसाफ मांगा, पत्नी ने बीजेपी नेता के पैर पकड़े
कानपुर देहात में जादू-टोने के शक में गुरुवार रात करीब 9 बजे 30 साल के रामगणेश की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार दोपहर 2 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका आरोप था कि पुलिस ने उनकी शिकायत के मुताबिक FIR दर्ज नहीं की। शनिवार दोपहर 2 बजे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और बीजेपी जिला महामंत्री सत्यम सिंह चौहान गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम के करीब 24 घंटे बाद शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। FIR में मनचाहे नाम नहीं लिखने का आरोप मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी इच्छा के मुताबिक FIR दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम वह रिपोर्ट में चाहते थे, उसे शामिल नहीं किया गया। इसी बात से नाराज परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। शनिवार को समझाने पहुंचे बीजेपी नेता के सामने मृतक की पत्नी रचना हाथ जोड़कर इंसाफ की गुहार लगाने लगी। वह उनके पैरों में गिर गई। काफी देर तक समझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। बेटे की बीमारी से जादू-टोने का शक मामला जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर मूसानगर थाना क्षेत्र के बाजपेई का पुरवा गांव का है। रामगणेश एक फैक्ट्री में बॉयलर पर काम करता था। पत्नी रचना के मुताबिक, पड़ोसी राघवेंद्र के बेटे की तबीयत लंबे समय से खराब थी। इलाज से आराम नहीं मिलने पर राघवेंद्र और उसके परिवार को शक था कि रामगणेश के परिवार ने उनके बेटे पर जादू-टोना कराया है। इसी बात को लेकर दशहरे से दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। बीच-बचाव करने पहुंचे युवक पर चाकू से हमला आरोप है कि गुरुवार रात जादू-टोने की बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज हुई। रामगणेश बीच-बचाव करने पहुंचा तो राघवेंद्र ने अपने साथी सत्यम के साथ मिलकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उसे घसीटकर गांव के तिराहे पर ले जाकर पेट में चाकू से पांच से छह वार किए। घायल रामगणेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा पुलिस ने शुक्रवार को मिली तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद ने बताया कि घटना के बाद मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से अब लगाए जा रहे आरोपों की उन्हें जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, ऐसा कुछ नहीं है।
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