मथुरा में 142 शिक्षकों की तैनाती में धांधली का आरोप:CDO ने BSA ऑफिस से जारी आदेश को किया रद्द, 3 अधिकारियों की बनाई जांच समिति

Nov 04, 2026 - 15:06
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मथुरा में 142 शिक्षकों की तैनाती में धांधली का आरोप:CDO ने BSA ऑफिस से जारी आदेश को किया रद्द, 3 अधिकारियों की बनाई जांच समिति
मथुरा के बेसिक शिक्षा विभाग में 142 शिक्षकों की तैनाती को लेकर बड़ा प्रशासनिक खुलासा हुआ है। मनचाही पोस्टिंग के लिए लाखों रुपये के कथित लेन-देन से लेकर शासनादेशों की अनदेखी तक के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतें इतनी गंभीर थीं कि मुख्य विकास अधिकारी ने BSA कार्यालय के तैनाती संबंधी सभी आदेश निरस्त कर दिए। अब तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति पूरे मामले की जांच करेगी। सवाल यह है कि आखिर शिक्षकों की तैनाती में ऐसा कौन सा खेल हुआ, जिस पर प्रशासन को इतनी बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। पदस्थापना और समायोजन को लेकर मिल रही थीं शिकायत मथुरा के बेसिक शिक्षा विभाग में 142 शिक्षकों की पदस्थापना और समायोजन को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर शिक्षकों को मनचाही जगह पर तैनाती दी गई। शिकायतकर्ताओं ने तो यहां तक आरोप लगाया कि मनचाही पोस्टिंग दिलाने के नाम पर प्रति शिक्षक 4 से 5 लाख रुपये तक की कथित रिश्वत ली गई। BSA कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप यह भी हैं कि शासनादेश और न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करते हुए अंतर-ब्लॉक समायोजन किए गए। कुछ प्रधानाध्यापकों की पदस्थापना और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में तबादलों को लेकर भी नियमों के उल्लंघन की शिकायतें की गईं। शिकायतों का लिया संज्ञान शिकायतों का संज्ञान लेते हुए CDO डॉ. पूजा गुप्ता ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया। 26 सितंबर और 22 अक्टूबर 2026 को BSA कार्यालय से जारी पदस्थापना और संशोधन संबंधी सभी आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए। जिन शिक्षकों ने नए विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था, उनका कार्यभार भी स्वतः निरस्त मानते हुए उन्हें मूल विद्यालयों में वापस जाकर शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। 7 दिन में जांच समिति देगी रिपोर्ट CDO डॉ पूजा गुप्ता ने बताया कि शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के मद्देनजर आदेश निरस्त करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है। समिति से सात दिन में जांच आख्या मांगी गई है। जांच में जो भी आरोप पुष्ट होंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, BSA कार्यालय की ओर से इस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए कहा गया है कि बिना स्पष्टीकरण मांगे अचानक आदेश निरस्त करना शासनादेशों के उल्लंघन का विषय हो सकता है। CDO ने कहा कि संबंधित शिक्षक जांच समिति के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। यदि जांच में आरोप सही नहीं पाए जाते हैं तो आदेश बहाल करने में कोई विधिक कठिनाई नहीं होगी। वहीं आरोप पुष्ट होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। देखना होगा कि 142 शिक्षकों की तैनाती में वास्तव में नियमों की अनदेखी हुई या फिर शिकायतों के पीछे कुछ और वजह है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की तस्वीर साफ हो पाएगी।

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