एलओसी के पास रहस्यमयी धमाका, एक की मौत
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग क्षेत्र में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास हुए एक रहस्यमयी विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट किसी पुराने गोले या विस्फोटक सामग्री के संपर्क में आने से हुआ। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | बारामूला | 28 जून 2026
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित गुलमर्ग क्षेत्र से शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट हुए एक रहस्यमयी विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं।अधिकारियों के अनुसार यह विस्फोट गुलमर्ग पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुमली वाली ढोक में आशा पोस्ट के पास हुआ। यह इलाका एलओसी के नजदीक स्थित है और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर हुई एक व्यक्ति की मौत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान जबीर अहमद बाजाद के रूप में हुई है। वह मोहम्मद रफीक बाजाद का पुत्र था और बारामूला जिले के चंदूसा क्षेत्र के गलीबल गांव का निवासी था। विस्फोट के समय वह अन्य लोगों के साथ घटनास्थल के आसपास मौजूद था।अधिकारियों ने बताया कि धमाका होते ही जबीर अहमद गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच गए।
चार लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
विस्फोट में चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सा दल लगातार उनकी निगरानी कर रहा है।प्रशासन ने घायलों के उपचार के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पुराने गोले से धमाका होने की आशंका
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोट किसी पुराने शेल यानी गोले के संपर्क में आने से हुआ हो सकता है। बताया जा रहा है कि मृतक ने कथित तौर पर जमीन पर पड़ी किसी संदिग्ध वस्तु को छू लिया था, जिसके बाद विस्फोट हुआ।हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि विस्फोटक सामग्री वास्तव में क्या थी। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेगा।
जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
घटना के बाद पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है और विस्फोट के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।सुरक्षा बल यह भी जांच कर रहे हैं कि विस्फोट किसी पुराने सैन्य गोले, बारूदी सामग्री या किसी अन्य विस्फोटक वस्तु के कारण हुआ। क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया गया ताकि किसी अन्य संदिग्ध सामग्री की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
संवेदनशील क्षेत्र होने से बढ़ी चिंता
गुलमर्ग और एलओसी से सटे क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। इन इलाकों में समय-समय पर पुराने गोले और सैन्य सामग्री मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को किसी भी अज्ञात या संदिग्ध वस्तु से दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना देनी चाहिए।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के कारणों का पता लगाने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मृतक के परिजनों में घटना के बाद शोक की लहर है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।