नगर आयुक्त का एक्शन, इको ग्रीन पर 20 लाख जुर्माना:अलीगढ़ में धीमी रफ्तार पर नाराजागी, बोनेर कट से एटा चुंगी तक नवंबर अंत तक सड़क बनाने का लक्ष्य

Oct 28, 2026 - 21:02
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नगर आयुक्त का एक्शन, इको ग्रीन पर 20 लाख जुर्माना:अलीगढ़ में धीमी रफ्तार पर नाराजागी, बोनेर कट से एटा चुंगी तक नवंबर अंत तक सड़क बनाने का लक्ष्य
शहर में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और लापरवाही पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को सीएम ग्रिड सड़क और स्मार्ट सिटी ड्रेनेज परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे नगर आयुक्त ने दोनों प्रोजेक्ट में तय समय के अनुसार काम नहीं मिलने पर कार्यदायी एजेंसी इको ग्रीन पर 10-10 लाख रुपये, कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उन्होंने बोनेर कट से एटा चुंगी तक सड़क का निर्माण नवंबर के अंत तक पूरा करने और छर्रा अड्डा पंपिंग स्टेशन के तकनीकी कार्य 15 दिन में पूरे करने की चेतावनी दी। सीएम ग्रिड फेज-2 पैकेज-1 के तहत जीटी रोड पर छर्रा अड्डा पुल से एटा चुंगी चौराहे होते हुए बोनेर कट तक 5.2 किलोमीटर लंबी सड़क करीब 87.03 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। निरीक्षण में सड़क निर्माण की धीमी गति और विद्युत पोलों की शिफ्टिंग में देरी सामने आई। पोल नहीं हटने से कई जगह निर्माण कार्य बाधित है, जबकि यातायात प्रभावित होने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस पर नगर आयुक्त ने एजेंसी के इंजीनियरों को फटकार लगाई और विद्युत विभाग के साथ समन्वय कर पोल शिफ्टिंग प्राथमिकता से पूरी कराने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन हिस्सों में बैरिकेडिंग, संकेतक और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। निर्धारित समय में काम पूरा नहीं होने पर एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। पंपिंग स्टेशन में भी सुस्त मिला काम नगर आयुक्त ने करीब 62 करोड़ रुपये की लागत से बन रही स्मार्ट सिटी ड्रेनेज परियोजना के तहत छर्रा अड्डा पंपिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया। यहां 130 एमएलडी क्षमता के सम्पवेल और 1000 एमएम व्यास की राइजिंग मेन पाइपलाइन के काम में पिछले 7 से 10 दिनों से अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए दूसरी बार इको ग्रीन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अधिकारियों को दैनिक प्रगति रिपोर्ट लेने और प्रत्येक चरण की समयसीमा तय करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि ड्रेनेज परियोजना शहर को जलभराव से राहत दिलाने और बरसात में जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसमें देरी का सीधा असर शहरवासियों को मिलने वाली राहत पर पड़ेगा। उन्होंने सम्पवेल, पाइपलाइन और पंपिंग उपकरणों के निर्माण में निर्धारित डिजाइन, सुरक्षा व गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। घटिया सामग्री के इस्तेमाल या तकनीकी मानकों की अनदेखी पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि दोनों परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा नहीं होने पर जुर्माने के साथ अनुबंध निरस्त करने और एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शहरवासियों को बेहतर सड़कें और जलभराव से राहत दिलाना नगर निगम की प्राथमिकता है।

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