सर्बिया में इजराइली दूतावास के बाहर पुलिसकर्मी पर हमला:नाबालिग दो चाकू लेकर पहुंचा, ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाकर अटैक किया; पुलिस ने मार गिराया
सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में बुधवार को इजराइली दूतावास के बाहर एक नाबालिग ने दो चाकू लेकर पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। उसने ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाया। जवाब में पुलिसकर्मी ने गोली चलाई, जिससे हमलावर की मौत हो गई। घटना के बाद सर्बिया में सुरक्षा का स्तर बढ़ाकर रेड कर दिया गया, जो देश में खतरे का सबसे ऊंचा स्तर है। हमलावर का ISIS का समर्थक होने का शक सर्बिया के कार्यवाहक गृह मंत्री इविका डाचिच ने बताया कि हमले में पुलिसकर्मी के सिर पर मामूली चोट आई है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद अहम जगहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी। AP के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हमलावर पर नजर रख रही थीं। उस पर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) का समर्थक होने का शक था। आरोप है कि उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ISIS का काला झंडा भी दिखाया था। अधिकारियों ने इस घटना की जांच आतंकी हमले के तौर पर शुरू की है। गृह मंत्री के मुताबिक, हमलावर नाबालिग था और उसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। दो साल में दूसरी बार दूतावास के बाहर हमला बेलग्रेड में इजराइली दूतावास के बाहर सुरक्षा कर्मियों पर हमले की यह दो साल में दूसरी घटना है। इससे पहले जून 2024 में एक हमलावर ने क्रॉसबो यानी तीर चलाने वाले हथियार से सर्बियाई पुलिस अधिकारी की गर्दन पर हमला किया था। इजराइल का दूतावास बेलग्रेड के एक महंगे इलाके में स्थित है। इसके पास ही अमेरिकी दूतावास भी है। इजराइली दूतावास की सुरक्षा के लिए पुलिस की एक विशेष यूनिट तैनात रहती है। इसके जवानों के पास ऑटोमैटिक हथियार होते हैं। सर्बिया में चुनाव के बाद अभी नई सरकार नहीं बनी सर्बिया में रविवार को संसदीय चुनाव हुए थे। करीब दो साल से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन ने पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच के खेमे को हरा दिया। हालांकि, अभी नई सरकार नहीं बनी है। ऐसे में वुचिच और उनके सहयोगियों का पुलिस पर नियंत्रण बना हुआ है। 40 दिन पहले बनी पार्टी, जीतने वालों में एक भी छात्र नहीं छात्र गठबंधन ‘स्टूडेंट लिस्ट, स्टूडेंट्स विन’ पार्टी को चुनाव से महज 40 दिन पहले ही मान्यता मिली थी। इसके बावजूद पार्टी ने जीत हासिल की। हालांकि, जीतने वाले 141 उम्मीदवारों में एक भी छात्र नहीं है। पार्टी ने छात्रों के बजाय एथलीट, किसानों और आम लोगों को चुनाव मैदान में उतारा था। इन उम्मीदवारों का चयन छात्रों ने खुद किया था। चुनाव लड़ने के लिए जरूरी पैसे जुटाने के लिए छात्रों ने क्राउड फंडिंग का सहारा लिया। पार्टी के जीतने वाले उम्मीदवारों में करीब 65% के पास डॉक्टरेट या उससे बड़ी डिग्री है। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें… ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव हारने वाले बोल्सोनारो अमेरिका भागे: पत्नी और दो बेटियां भी साथ; सरकार ने पासपोर्ट रद्द किया ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिका रवाना हो गए हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, फ्लावियो के एक सहयोगी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। सरकार ने उनका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
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