नोएडा में ग्रीन पटाखों के लिए अस्थायी लाइसेंस की तैयारी:अभी दुकान लगाने की जगह तय नहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बनेगी व्यवस्था

Nov 02, 2026 - 10:52
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नोएडा में ग्रीन पटाखों के लिए अस्थायी लाइसेंस की तैयारी:अभी दुकान लगाने की जगह तय नहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बनेगी व्यवस्था
दिवाली पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ग्रीन पटाखे बेचने के लिए दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस देने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि पटाखों की अस्थायी दुकानें कहां लगाई जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस और अन्य संबंधित विभाग मिलकर बिक्री के लिए सुरक्षित स्थानों को चिन्हित करेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। एक-दो दिन में बिक्री स्थल और लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की बनेगी पूरी व्यवस्था मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है। पटाखे फोड़ने के दिन और समय को लेकर भी कोर्ट के निर्देशों के अनुसार व्यवस्था लागू की जाएगी। ग्रीन पटाखे बेचने के लिए दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस दिए जाएंगे। इससे पहले दुकानों के लिए स्थान चिन्हित किए जाएंगे। एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी होगी। स्टेडियम या शहर के बाहरी हिस्सों में लग सकती हैं दुकानें बताया जा रहा है कि पहले की तरह शहर के किसी स्टेडियम या बाहरी हिस्से में ग्रीन पटाखों की अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि अभी अंतिम स्थान तय नहीं किए गए हैं। पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य विभाग सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए स्थानों का चयन करेंगे। थाने स्तर से लेकर अग्निशमन विभाग तक जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। सिर्फ मानकों पर खरे ग्रीन पटाखों की होगी बिक्री अस्थायी लाइसेंस मिलने के बाद भी दुकानदारों को सभी सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करना होगा। केवल तय मानकों पर खरे उतरने वाले ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी। पटाखों की जांच के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई जाएगी। जांच के दौरान नकली या प्रतिबंधित पटाखे मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निलंबित भी किया जा सकता है। पहले जिला प्रशासन देता था अनुमति पहले शहर में पटाखों की अस्थायी दुकानें लगाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ली जाती थी। पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद अब लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस की भूमिका प्रमुख हो गई है। प्रदूषण बढ़ने और अदालतों के आदेशों के बाद पिछले कुछ वर्षों में पटाखों की बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे।

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