फर्जी हस्ताक्षर से फार्म-7 भरने पर FIR:26 मतदाताओं के नाम कटवाए थे, 8 महीने बाद मुकदमा, अखिलेश ने की थी प्रेस कांफ्रेस
सुल्तानपुर के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव में मतदाता सूची से 26 लोगों के नाम कटवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर से फार्म-7 भरने के मामले में आठ महीने बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। रविवार रात 7 बजे एसडीएम संदीप यादव ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पुराने मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार मिश्रा को सौंपी गई है। निरक्षर व्यक्ति के नाम से किए गए हस्ताक्षर मामला गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव के बूथ संख्या 96 का है। आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए जमा किए गए फार्म-7 पर नंदलाल के नाम से हस्ताक्षर किए गए थे। नंदलाल का कहना है कि वह निरक्षर हैं और केवल अंगूठा लगाते हैं। उन्हें हस्ताक्षर करना नहीं आता। नंदलाल ने बताया कि उन्हें कुछ समय पहले जानकारी मिली थी कि उनके और अन्य लोगों के नाम कटवाने के लिए फार्म जमा किए गए हैं। उनका आरोप है कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर करके फार्म बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दिए गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में अनजाने में फंसाया गया है। लेखपाल की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा लेखपाल मनीष कुमार मिश्र ने 24 अक्टूबर को गोसाईंगंज थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। एसडीएम संदीप यादव के मुताबिक, मामला पुराना है और निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अब मामले की जांच करेगी। फरवरी में पूर्व विधायक ने उठाया था मामला समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने फरवरी 2026 में इस मामले को सार्वजनिक किया था। इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेसवार्ता कर निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए थे। दी गई जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव ने नंदलाल को एक लाख रुपए की मदद दी थी और गांव में मंदिर बनवाने का भरोसा दिलाया था। सपा ने असली साजिशकर्ता का पता लगाने की मांग की सपा के जयसिंहपुर विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव ने मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 26 लोगों के नाम कटवाने के लिए BLO को फार्म दिए गए थे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने छानबीन की तो नंदलाल के नाम से कथित फर्जी हस्ताक्षर वाला फार्म सामने आया। अमित यादव के मुताबिक, मामले की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व विधायक अरुण वर्मा तक पहुंचाई गई। इसके बाद नंदलाल खुद सामने आए और मीडिया के सामने बताया कि वह केवल अंगूठा लगाते हैं, हस्ताक्षर नहीं करते। अमित यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे मामलों में कार्रवाई किए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कार्रवाई का स्वागत करते हुए मांग की कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। यह पता लगाया जाए कि फर्जी फार्म किसने तैयार किए और उन्हें जमा कराने के पीछे कौन था।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)