यूरेनियम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भारत-उज्बेकिस्तान में बड़ी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में हुई बातचीत में दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति बनी। यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति, आर्थिक सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीक और गिफ्ट सिटी के अनुभव साझा करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

Aug 30, 2026 - 17:43
0
यूरेनियम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भारत-उज्बेकिस्तान में बड़ी सहमति

दि राइजिंग न्यूज | ताशकंद | 30 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई।बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक, ऊर्जा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।दोनों पक्षों ने भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर पर ले जाने पर सहमति जताई।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब दोनों देश ठोस लक्ष्यों और तय समयसीमा के साथ आगे बढ़ेंगे।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को केवल बातचीत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ठोस परियोजनाओं और निर्धारित लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, व्यापार, तकनीकी विकास और शहरों के बीच सहयोग को इस नई साझेदारी में विशेष महत्व दिया जाएगा।प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि दोनों देशों की टीमें मिलकर इन योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएंगी।

आर्थिक सहयोग के लिए परियोजनाओं और समयसीमा पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की उस पहल की सराहना की, जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई है।
उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्ययोजना और समयसीमा भी तय की गई है।प्रधानमंत्री के अनुसार दोनों देशों की टीमों के बीच इन विषयों को लेकर सहमति बनी है और आगे ठोस कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति देने के लिए परियोजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारना जरूरी है।

विदेश मंत्री स्तर पर बनेगी समन्वय परिषद

भारत और उज्बेकिस्तान ने आपसी सहयोग को दिशा देने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर समन्वय परिषद गठित करने का निर्णय लिया है।इस परिषद के माध्यम से दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की नियमित समीक्षा और निगरानी की जाएगी।इसके अलावा संयुक्त आयोग के स्तर को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर पर करने पर भी सहमति बनी है।इससे दोनों देशों के बीच बड़े आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

व्यापार और कारोबारी सहयोग को मिलेगी नई गति

भारत और उज्बेकिस्तान संयुक्त रूप से एक बड़े कारोबारी सम्मेलन का आयोजन करेंगे।
इसमें दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े लोग हिस्सा लेंगे।इस सम्मेलन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशना होगा।प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि इससे दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को नई गति मिलेगी और नई परियोजनाओं के रास्ते खुलेंगे।

यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति पर होगा समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।ऊर्जा क्षेत्र में यह सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है।दोनों देश इस क्षेत्र में स्थायी और भरोसेमंद आपूर्ति व्यवस्था तैयार करने पर काम करेंगे।यूरेनियम के क्षेत्र में सहयोग भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

तीन शहरों और राज्यों के बीच बढ़ेगा सहयोग

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच तीन शहरों और राज्यों को आपस में जोड़ने की व्यवस्था भी की जा रही है।इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य दोनों देशों के स्थानीय स्तर पर आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ाना है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन संबंधों की क्षमता का पूरा उपयोग करने के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।इससे दोनों देशों के शहरों और राज्यों के बीच अनुभव तथा विशेषज्ञता साझा करने के नए अवसर पैदा होंगे।

न्यू ताशकंद और गिफ्ट सिटी का अनुभव होगा साझा

प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान में विकसित किए जा रहे महत्वाकांक्षी ‘न्यू ताशकंद’ परियोजना का भी उल्लेख किया।उन्होंने गुजरात में विकसित गिफ्ट सिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने आधुनिक तकनीक और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया है।प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान से एक प्रतिनिधिमंडल को गुजरात आने का निमंत्रण दिया।उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल गिफ्ट सिटी में तकनीक के उपयोग और उसके विकास मॉडल का अध्ययन कर सकता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक पर भी चर्चा

राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने भारत की तकनीकी प्रगति की विशेष रूप से सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल व्यवस्था और अंतरिक्ष अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति और बड़े विकास कार्यों की भी प्रशंसा की।राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक मामलों में भारत की आवाज और प्रभाव लगातार मजबूत हो रहा है।

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने की भारत की प्रगति की प्रशंसा

राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा की सराहना की।उन्होंने कहा कि भारत सभी प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिणाम हासिल कर रहा है और आर्थिक विकास की मजबूत गति बनाए हुए है।उन्होंने बड़े स्तर की विकास परियोजनाओं को लागू करने के लिए भारत की क्षमता की भी प्रशंसा की।उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के करीबी मित्र के रूप में उनका देश भारत की उपलब्धियों को देखकर प्रसन्न है।

ताशकंद में भारत के प्रति दिखा विशेष सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान में अपने स्वागत और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव द्वारा आयोजित रात्रिभोज की भी सराहना की।
उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रतिभाशाली बच्चों ने गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसने उन्हें बेहद प्रभावित किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा महसूस हुआ जैसे राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उज्बेकिस्तान में भारत की जीवंत झलक प्रस्तुत कर दी हो।
उन्होंने इस अनुभव को अपने गुजरात से जुड़ी भावनाओं के समान बताया।

तिरंगे के रंगों से सजा ताशकंद

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनके दौरे के दौरान ताशकंद शहर को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाया गया था।उन्होंने कहा कि यह दृश्य उनके लिए बेहद भावुक करने वाला था और इससे दोनों देशों की मित्रता की गहराई का पता चलता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्बेकिस्तान के लोगों के दिल में भारत के लिए विशेष स्थान है।
उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और आत्मीय संबंधों को इस स्वागत का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।

उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर दी अग्रिम शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और वहां की जनता को अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने बताया कि दो दिन बाद उज्बेकिस्तान अपनी स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भी विशेष संयोग है कि इसी वर्ष भारत और उज्बेकिस्तान अपनी रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाना खुशी की बात है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User