प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान
उज्बेकिस्तान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान की अटूट मित्रता को समर्पित किया।
दि राइजिंग न्यूज | ताशकंद | 30 अगस्त 2026
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया गया है।उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान उनकी दो दिवसीय उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान प्रदान किया।इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण और मजबूत संबंधों की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।समारोह के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने की प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा
सम्मान समारोह के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की।उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान प्रधानमंत्री मोदी को केवल एक बेहतरीन राजनेता और समझदार नेता के रूप में नहीं देखता, बल्कि उन्हें भारत के लोगों का गहरा भरोसा और सम्मान हासिल है।राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय पहचान और उनके नेतृत्व में भारत की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत का तेजी से विकास और वैश्विक मंच पर उसका लगातार बढ़ता प्रभाव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से सीधे जुड़ा है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का उल्लेख
राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने भारत की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव की भी प्रशंसा की।उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ऐसे नेता के रूप में बताया, जिनकी पहचान भारत की सीमाओं से बाहर भी व्यापक स्तर पर बनी है।उनके अनुसार भारत ने हाल के वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है।वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती सक्रियता को भी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से जोड़कर देखा।
सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया आभार
सर्वोच्च राजकीय सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान और वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत संबंधों को समर्पित किया।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध ऐतिहासिक और अटूट हैं तथा यह सम्मान दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक है।प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति और वहां की जनता के प्रति भी सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण अवसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान दिया जाना दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से चले आ रहे हैं।दोनों देश व्यापार, निवेश, सुरक्षा, शिक्षा, संस्कृति और अन्य कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को नई गति देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।उज्बेकिस्तान मध्य एशिया का एक प्रमुख देश है और भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी इसका विशेष महत्व है।ऐसे समय में जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार विस्तार दे रहा है, प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च सम्मान मिलना महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और आपसी सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण बिंदु
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
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राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ सम्मान प्रदान किया।
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राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना की।
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प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान की अटूट मित्रता को समर्पित किया।
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यह सम्मान दोनों देशों के मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।
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