प्रयागराज में 22 अक्टूबर से लगेगा दीपावली शिल्प मेला:16 राज्यों के हस्तशिल्प और 527 कलाकार 14 दिन तक दिखाएंगे अपनी कला

Oct 21, 2026 - 19:47
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प्रयागराज में 22 अक्टूबर से लगेगा दीपावली शिल्प मेला:16 राज्यों के हस्तशिल्प और 527 कलाकार 14 दिन तक दिखाएंगे अपनी कला
दीपावली से पहले प्रयागराज में हस्तशिल्प, लोक संगीत और देश की सांस्कृतिक विविधता का संगम देखने को मिलेगा। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के शिल्प हाट में 22 अक्टूबर से 14 दिवसीय दीपावली शिल्प मेला-2026 शुरू होगा। इसमें 16 राज्यों के शिल्पकार अपने पारंपरिक उत्पादों के साथ शामिल होंगे। वहीं, करीब 527 कलाकार लोकगीत, लोकनृत्य, शास्त्रीय गायन और पारंपरिक वादन से सांस्कृतिक छटा बिखेरेंगे। मेले का उद्घाटन गुरुवार शाम पांच बजे होगा। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत आयोजित यह मेला चार नवंबर तक चलेगा। मेले में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक लोग खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईजी केपी सिंह होंगे। मेले में देश के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक हस्तकलाओं और उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। पश्चिम बंगाल का जूट वर्क, जयपुर की लाख की चूड़ियां, राजस्थान की क्रिस्टल पेंटिंग, रामपुर का पैच और जरी वर्क, खुर्जा की सिरेमिक कप-प्लेट तथा तेलंगाना की पर्ल ज्वेलरी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। जम्मू-कश्मीर के ड्राई फ्रूट और हस्तशिल्प उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। इसके अलावा विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल पर लोग देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे। मेले में प्रतिदिन शाम पांच बजे से मुक्ताकाशी मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उद्घाटन के दिन कौशांबी के संतोष कुमार और उनके साथी प्रयाग ढोल-वृंद वादन करेंगे। इसके बाद मंत्रोच्चारण, सुगम संगीत, शास्त्रीय गायन, ब्रज लोकनृत्य और बिरहा गायन की प्रस्तुतियां होंगी। 30 अक्टूबर को संगीत नाटक अकादमी, चंडीगढ़ की ओर से रामलीला गाथा प्रस्तुत की जाएगी। एक नवंबर को फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गायकी से पहचान बनाने वाले सुनील लोधी प्रस्तुति देंगे। इस दिन दिव्यांग बच्चे भी सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। राजस्थान के अकरम खान बहरूपिया कला, मध्य प्रदेश के राजमणि तिवारी दुलदुल घोड़ी और हरियाणा के हरपाल नाथ बीन वादन से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा ने बताया कि मेले का उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है।

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