पूर्व सपा विधायक संतोष पांडेय पर हत्या केस में सुनवाई:सुल्तानपुर में सुनील यादव हत्याकांड में पत्नी की निगरानी अर्जी पर 19 दिसंबर को होगी
सुल्तानपुर के चर्चित सुनील यादव हत्याकांड में पूर्व सपा विधायक संतोष पांडेय समेत तीन आरोपियों के खिलाफ सुनवाई सोमवार शाम 4 बजे टल गई। यह मामला सुल्तानपुर के चांदा कोतवाली से जुड़ा है। एमपी-एमएलए कोर्ट के एडीजे राकेश ने अगली सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की है। यह सुनवाई पुलिस की फाइनल रिपोर्ट पर मृतक की पत्नी सरिता यादव की प्रोटेस्ट अर्जी खारिज होने के खिलाफ दायर निगरानी अर्जी पर होगी। सरिता यादव ने 8 जुलाई 2025 को अपने पति सुनील यादव की हत्या के आरोप में केस दर्ज कराया था। इसमें पूर्व विधायक संतोष पांडेय, उनके साले विवेक मिश्र और सुशील उर्फ मुन्ना आरोपी हैं। पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सरिता यादव की प्रोटेस्ट अर्जी खारिज कर दी। अब सरिता ने सेशन कोर्ट में निगरानी अर्जी दायर की है। विधानसभा चुनाव से पहले कोर्ट की सख्ती के बाद राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।चांदा के मदारडीह निवासी सुनील की पत्नी सरिता यादव के अनुसार, तीन जुलाई 2025 की रात विवेक मिश्र और सुशील निषाद ने पति को गांव स्थित लाला की बाग में बुलाया। दोनों ने उन्हें लात-घूसे और हथियार की बट से मारा। विवेक ने सुनील के सीने पर चढ़कर लात मारा, जिससे उनके मुंह से खून निकलने लगा। आरोपियों ने प्रधानी का चुनाव लड़ने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पूर्व विधायक पर मारपीट का आरोप लगाया था घटना के बाद सुनील ने रात तीन बजे फेसबुक पर पोस्ट कर प्रशासन से सुरक्षा की मांग की। अगले दिन पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने सुनील को अपने पास बुलाया। उन्होंने उनका मोबाइल छीन लिया और उन्हें पीटा। फेसबुक पोस्ट और धमकी की रिकॉर्डिंग को डिलीट कर दिया। पांडेय ने भी प्रधानी का चुनाव लड़ने पर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से सुनील की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें बीच-बीच में खून की उल्टियां होती रहीं। 6 जुलाई को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें सीएचसी चांदा ले जाया गया। वहां से मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
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