हिमांशु सिद्धार्थ बोले- मानसिक रूप से बीमार हैं संगीत सोम:सोशल मीडिया पर पोस्ट कर साधा निशाना, हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे उठाने का लगाया आरोप
भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम के बयानों को लेकर हस्तिनापुर के सपा कार्यकर्ता हिमांशु सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर संगीत सोम पर निशाना साधा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में संगीत सोम को बीफ कारोबारी और मीट माफिया बताते हुए उनकी हार से बौखलाने का आरोप लगाया। साथ ही लिखा कि अपनी पार्टी में स्थिति कमजोर होने के बाद वह मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं का नाम ले रहे हैं और उन पर आरोप लगा रहे हैं। पोस्ट में उन्होंने संगीत सोम की राजनीति को पाकिस्तान और मुसलमानों के मुद्दों तक सीमित बताते हुए उनकी बातों पर ध्यान नहीं देने की अपील भी की। हिमांशु सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ऐसे लोग सूरज निकलने पर जलकर भुन जाने वाले कीड़े-मकोड़ों की तरह हैं। उन्होंने स्थानीय सपा नेताओं को भी संगीत सोम से दूरी बनाए रखने की नसीहत दी। हिंदू-मुस्लिम और पाकिस्तान के मुद्दों पर उठाए सवाल हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि पोस्ट करने का मुख्य कारण संगीत सोम की ओर से लगातार हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठाना है। उनका आरोप है कि जब भी कोई राजनीतिक या सामाजिक मुद्दा सामने आता है, तो संगीत सोम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर टिप्पणी करने लगते हैं या पाकिस्तान का जिक्र करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में तनाव की स्थिति पैदा होती है। हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि संगीत सोम को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने ऊपर लगने वाले आरोपों पर भी बात करनी चाहिए। उन्होंने मीट और बीफ कारोबार से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि एक तरफ वह हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठाते हैं, जबकि दूसरी तरफ उनके खिलाफ भी मीट कारोबार को लेकर आरोप लगाए जाते रहे हैं। अखिलेश यादव पर टिप्पणी के विरोध में की पोस्ट हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि संगीत सोम लगातार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ टिप्पणियां करते रहते हैं। हाल ही में संगीत सोम ने आरोप लगाया था कि अखिलेश यादव उनकी हत्या करवाना चाहते हैं। हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि इसी तरह के बयानों और अखिलेश यादव पर की जा रही टिप्पणियों के विरोध में उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगीत सोम हिंदू-मुस्लिम और पाकिस्तान का मुद्दा बार-बार उठाकर राजनीतिक माहौल बनाना चाहते हैं। अखिलेश यादव ने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को जोड़ने के लिए पीडीए का नारा दिया है, लेकिन संगीत सोम इसे भी पाकिस्तान से जोड़कर टिप्पणी करते हैं। अपनी पार्टी में सम्मान नहीं मिलने का भी लगाया आरोप हिमांशु सिद्धार्थ ने संगीत सोम की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में अपनी ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से सम्मान नहीं मिलने के कारण संगीत सोम नाराज हैं। उनके अनुसार, इसी वजह से वह दूसरे दलों और उनके नेताओं पर लगातार टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगीत सोम पहले राष्ट्रीय लोकदल की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठा चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने संजीव बालियान को लेकर भी टिप्पणी की थी। हिमांशु सिद्धार्थ ने आरोप लगाया कि संगीत सोम अक्सर दूसरे नेताओं की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाते हैं, जबकि उन्हें पहले अपनी स्थिति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद से संगीत सोम इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। स्थानीय सपा नेताओं को दी दूरी बनाने की सलाह हिमांशु सिद्धार्थ ने स्थानीय समाजवादी पार्टी के नेताओं को भी संगीत सोम से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखते हैं, ताकि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार उन्हें लाभ मिल सके। उन्होंने नेताओं से संगीत सोम के साथ राजनीतिक नजदीकियों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की। बोले- समाज में तनाव बढ़ाने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए हिमांशु सिद्धार्थ ने संगीत सोम की भाषा और बयान देने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके बोलने का लहजा आक्रामक रहता है और वह बार-बार धार्मिक मुद्दों को उठाते हैं। हिमांशु सिद्धार्थ ने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी समाज में तनाव पैदा कर सकती है और लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर सकती है। हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि संगीत सोम का लगातार धार्मिक मुद्दों को उठाने का तरीका उन्हें मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि संगीत सोम की राजनीतिक हैसियत बनाने में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की भी भूमिका रही है। हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि संगीत सोम पहले बहुजन समाज पार्टी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि समाज में धार्मिक उन्माद फैलाने वाली बयानबाजी का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)