पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर राहुल गांधी बोले- धर्मेंद्र प्रधान को हटाएं
नीट पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के त्वरित न्यायालय बनाने के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, छात्रों से माफी मांगने और आंदोलन के दौरान हिंसा करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देश की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक मामलों के लिए त्वरित न्यायालय स्थापित करने की घोषणा के बाद अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केवल नए न्यायालय बनाने की घोषणा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जिन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है, उनके खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं और छात्रों का भविष्य सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर होने दिया और जिन लोगों पर जिम्मेदारी थी, उन्हें संरक्षण मिलता रहा। उन्होंने कहा कि छात्रों का भरोसा तभी लौटेगा, जब जवाबदेही तय होगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।
राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं और सरकार को बिना देरी उन्हें स्वीकार करना चाहिए। उनकी पहली मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए। उनका कहना है कि जब परीक्षा प्रणाली में इतनी बड़ी चूक हुई है, तब संबंधित मंत्री की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।दूसरी मांग के रूप में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को देशभर के छात्रों और उनके परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना है कि लाखों विद्यार्थियों ने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने उनके भविष्य को अनिश्चित बना दिया। इससे युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास भी कमजोर हुआ है।तीसरी मांग में राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने वाले छात्रों के साथ हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या किया ऐलान
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा निर्णय घोषित किया था। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए मिलकर कार्य किया जाए।
छात्र आंदोलन के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
नीट पेपर लीक को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। राजधानी दिल्ली में भी बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। इसी बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही से जुड़ा बड़ा राष्ट्रीय विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी हुई कड़ी
छात्र आंदोलन को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा बल लगातार संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए हुए हैं।प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। वहीं छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।