धरने पर राहुल से मिले जितेंद्र सिंह, क्या खत्म होगा प्रदर्शन

प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का धरना जारी है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं से केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन तथा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मुलाकात कर धरना समाप्त करने की अपील की। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया।

धरने पर राहुल से मिले जितेंद्र सिंह, क्या खत्म होगा प्रदर्शन

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026

दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज कर दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल तथा अनेक वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकाला गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना शुरू कर दिया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस बीच आंदोलन को शांत कराने के लिए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे तथा राहुल गांधी से बातचीत कर धरना समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


धरना समाप्त कराने पहुंचे गृह सचिव और केंद्रीय मंत्री, राहुल गांधी से हुई लंबी बातचीत

प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे धरने के दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह अचानक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर आंदोलन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर सरकार को जवाब देना होगा और केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।


शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस अडिग

धरने में शामिल कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि देश के छात्रों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके साथ बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि जब तक सरकार इस मामले में जवाबदेही तय नहीं करती, तब तक कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।


प्रधानमंत्री से सीधे मुलाकात की मांग पर अड़ा विपक्ष

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे मुलाकात कर छात्रों की समस्याओं और अपनी मांगों को उनके सामने रखना था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास की ओर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई और बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। इसके बाद सभी नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में विपक्ष और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है तथा सरकार को संवाद से पीछे नहीं हटना चाहिए।


प्रधानमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास, लोक कल्याण मार्ग और आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक मजबूत कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए। कई मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए तथा आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की गई। यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा एजेंसियां पूरे समय प्रदर्शन पर नजर बनाए रहीं।


सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का किया ऐलान

छात्र आंदोलन का समर्थन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि छात्रों और युवाओं के साथ जिस प्रकार की कठोर कार्रवाई की गई है, उसे देखते हुए वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अहिंसक आंदोलन सबसे प्रभावी माध्यम है।


राजनीतिक टकराव हुआ और तेज, सरकार पर विपक्ष के लगातार हमले

छात्रों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहा है। दूसरी ओर सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति को और अधिक गर्म कर दिया है तथा आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।


क्या है पूरा मामला

सोमवार को छात्रों द्वारा निकाले गए विरोध मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसकी विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास बताया। इसी घटना के विरोध में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन तेज कर दिया।