राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के बदले नियम, अब जमीन पर होगी गणना, मोबाइल-बैग पर भी रोक

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितता के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गिनती की पूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। अब चढ़ावे की गणना जमीन पर बैठकर की जाएगी और गिनती कक्ष में मोबाइल, बैग तथा कैमरा ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। ट्रस्ट का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करना है।

राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के बदले नियम, अब जमीन पर होगी गणना, मोबाइल-बैग पर भी रोक

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 4 जुलाई 2026


चढ़ावे की गिनती व्यवस्था में बड़ा बदलाव

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और दान की पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही गिनती में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के लिए सख्त नियम निर्धारित किए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके।


अब जमीन पर बैठकर होगी चढ़ावे की गिनती

ट्रस्ट द्वारा लागू नई व्यवस्था के अनुसार अब चढ़ावे की गिनती मेज या अन्य ऊंचे स्थान पर नहीं, बल्कि जमीन पर बैठकर की जाएगी। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। गिनती के दौरान सभी गतिविधियों पर विशेष निगरानी भी रखी जाएगी।प्रबंधन का मानना है कि इस व्यवस्था से गिनती के दौरान होने वाली हर गतिविधि स्पष्ट रूप से दर्ज की जा सकेगी और किसी भी प्रकार के विवाद या संदेह की स्थिति से बचा जा सकेगा।


मोबाइल, बैग और कैमरा ले जाने पर पूरी तरह रोक

नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की गिनती कक्ष में किसी भी कर्मचारी या स्वयंसेवक को मोबाइल फोन, बैग, कैमरा अथवा अन्य निजी सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी। गिनती शुरू होने से पहले सभी संबंधित व्यक्तियों की जांच की जाएगी और निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होगा।ट्रस्ट का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। साथ ही पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाएगी।


कथित चोरी के मामले के बाद लिया गया निर्णय

हाल ही में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में सुधार के लिए कई नए निर्णय लिए गए।ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से व्यवस्था में बदलाव करते हुए अतिरिक्त निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।


श्रद्धालुओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता

राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने के साथ चढ़ावा भी अर्पित करते हैं। ऐसे में ट्रस्ट का प्रयास है कि चढ़ावे की पूरी व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे।प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी यदि आवश्यकता महसूस होगी तो व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास लगातार बना रहे।


गिनती प्रक्रिया में जवाबदेही भी होगी तय

नई व्यवस्था में चढ़ावे की गिनती से जुड़े प्रत्येक चरण का विधिवत अभिलेख तैयार किया जाएगा। गिनती पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में राशि का मिलान किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। ट्रस्ट का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति में रिकॉर्ड के आधार पर जांच करना आसान होगा।


सुरक्षा व्यवस्था को बनाया गया और अधिक सख्त

मंदिर प्रशासन ने गिनती कक्ष के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। केवल अधिकृत कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को ही निर्धारित समय पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का विवरण दर्ज किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पर प्रभावी निगरानी बनी रहे।


दान व्यवस्था में श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखने पर जोर

राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु नकद दान के साथ-साथ अन्य प्रकार के चढ़ावे भी अर्पित करते हैं। ऐसे में ट्रस्ट का कहना है कि दान की प्रत्येक राशि का सही हिसाब रखना उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को यह भरोसा दिलाना है कि उनका अर्पित किया गया प्रत्येक दान पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ मंदिर प्रबंधन तक पहुंचे।


भविष्य में भी व्यवस्था की होगी नियमित समीक्षा

ट्रस्ट ने संकेत दिए हैं कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जाएगी। यदि किसी स्तर पर सुधार की आवश्यकता महसूस होती है तो नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। मंदिर प्रशासन का कहना है कि बदलती परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।