राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज बैंकों तक पहुंची आंच

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच गई है। पुलिस ने एसबीआई समेत सात बैंकों को नोटिस जारी कर खातों, लॉकरों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी मांगी है। मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान भी दर्ज किया गया है और कई लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज बैंकों तक पहुंची आंच

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 30 जून 2026

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार व्यापक होती जा रही है। अब इस मामले की आंच बैंकिंग व्यवस्था तक पहुंच गई है। पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समेत सात प्रमुख बैंकों को नोटिस जारी कर ट्रस्ट से जुड़े खातों, लॉकरों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड मांगा है।जांच एजेंसियां दान और चढ़ावे की राशि के प्रवाह का पता लगाने में जुटी हैं। इसके लिए बैंकिंग ट्रेल, कैश मूवमेंट और डिजिटल लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि बैंक रिकॉर्ड से मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

सात बैंकों से मांगी गई जानकारी

पुलिस द्वारा जिन बैंकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा प्रमुख रूप से शामिल हैं। जांच एजेंसियों ने इन बैंकों से ट्रस्ट और मामले से जुड़े व्यक्तियों के खातों, लॉकरों और वित्तीय गतिविधियों का ब्यौरा मांगा है।अधिकारियों का कहना है कि यह जांच इस बात का पता लगाने के लिए की जा रही है कि दान राशि का इस्तेमाल किस प्रकार हुआ और कहीं किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी तो नहीं हुई।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

पुलिस कैश हैंडलिंग और दान की गिनती से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि दान राशि की गिनती, सुरक्षा और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कहीं लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई।एसबीआई की नया घाट शाखा से जुड़े दो कर्मचारियों रत्नेश और गगनदीप का नाम भी जांच में सामने आया है। इनके अधीन कार्य करने वाले छह आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी मंदिर में प्राप्त चढ़ावे की गिनती करने और उसे सुरक्षित रूप से बैंक तक पहुंचाने की थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गड़बड़ी में उनकी क्या भूमिका रही।

एसबीआई शाखा पहुंची पुलिस टीम

अयोध्या पुलिस की विशेष टीम एसबीआई की नया घाट शाखा पहुंची, जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य बैंक खाता संचालित होता है। जांच अधिकारियों ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस बैंकिंग प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जांच कर रही है। बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, कैश डिपॉजिट रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। बैंक प्रबंधक का बयान भी दर्ज किए जाने की तैयारी है।

70 से 80 लोगों को भेजे गए नोटिस

जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत लगभग 70 से 80 लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकता।

मोबाइल डेटा और चैट की होगी जांच

जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि कुछ आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण चैट और डेटा डिलीट कर दिए थे। अब इन मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा।विशेषज्ञ डिलीट किए गए संदेशों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों को रिकवर करने का प्रयास करेंगे ताकि मामले की सच्चाई तक पहुंचा जा सके।

चंपत राय का बयान दर्ज

मामले की जांच के तहत राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान भी दर्ज किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों से भी पूछताछ की जा सकती है।गौरतलब है कि हाल ही में चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि इस मामले को लेकर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

अविनाश शुक्ला की गिरफ्तारी और नकदी बरामदगी

सूत्रों के अनुसार, 5 जून को चंपत राय के निर्देश पर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों और पुलिस टीम ने आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान अविनाश शुक्ला को हिरासत में लिया गया और उसके पास से नकदी भी बरामद की गई।बाद में सामने आए एक सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी आरोपी को एक सफेद कार की ओर ले जाते हुए दिखाई दिए। वीडियो में आरोपी के हाथ में एक काला बैग भी नजर आया, जिसमें कथित रूप से बरामद नकदी रखी गई थी।सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग पांच लाख रुपये बरामद किए थे। हालांकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

बैंकिंग ट्रेल से खुल सकते हैं नए राज

जांच एजेंसियों का मानना है कि बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल से मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस, बैंकिंग संस्थानों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह मामला अब केवल नकदी गड़बड़ी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी जांच वित्तीय लेनदेन, डिजिटल सबूतों और बैंकिंग प्रक्रियाओं तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।