रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.10 लाख ठगे:युवक को मलेशिया भेजा, नाला साफ कराया; 3 पर केस दर्ज
देवरिया में विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 2.10 लाख रुपये की ठगी करने और उसे रूस की जगह मलेशिया भेजने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मलेशिया पहुंचने पर युवक और उसके मित्र से जबरन नाले की सफाई कराई गई। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। पीड़ित ने भारत लौटने के बाद रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार रात आठ बजे कोर्ट के आदेश पर तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
भाटपाररानी थाना क्षेत्र के खड़ेसर गांव निवासी राकेश कुशवाहा पुत्र स्व. रामदयाल कुशवाहा ने बताया कि सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में उनकी मुलाकात देवरिया कलेक्ट्रेट के पास रुद्रपुर थाना क्षेत्र के अकटहिया उर्फ मटियरी निवासी अमरनाथ यादव से हुई थी। अमरनाथ ने चौरीचौरा बाजार में अपना कार्यालय बताते हुए रूस के मास्को में फल पैकिंग की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए 80 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने की बात कही गई थी।
मेडिकल कराने के बाद भेजा ऑफर लेटर और टिकट
राकेश के अनुसार, 25 सितंबर 2025 को वह अपने मित्र अशोक कुशवाहा के साथ चौरीचौरा स्थित श्री वीरेंद्र ट्रेडिंग एंड टेस्ट सेंटर कार्यालय पहुंचे। वहां अमरनाथ और उसका भाई मन्जेश यादव मिले। दोनों ने विदेश में नौकरी दिलाने का आश्वासन देते हुए उनका मेडिकल कराया। 29 सितंबर को वीजा और टिकट के नाम पर मन्जेश के खाते में 20 हजार रुपये भेजे गए। इसके बाद रूस का ऑफर लेटर और दिल्ली से मास्को का टिकट भी भेजा गया।
आरोप है कि अलग-अलग तारीखों में अमरनाथ के खाते में यूपीआई के माध्यम से 1.80 लाख रुपये और अशोक के जरिए मन्जेश के खाते में 10 हजार रुपये भेजे गए। इस तरह कुल 2.10 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
दो बार टिकट रद्द होने की दी गई जानकारी
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने छह जनवरी 2026 को रूस भेजने के लिए दिल्ली बुलाया। वह वहां पहुंचे तो आठ जनवरी को टिकट निरस्त होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। इसके बाद 21 जनवरी का दूसरा टिकट दिया गया। राकेश अपने मित्र के साथ दिल्ली जा रहे थे, तभी मऊ स्टेशन के पास दोबारा टिकट कैंसिल होने की सूचना दे दी गई। इसके बाद भी आरोपी उन्हें लगातार टालते रहे।
रूस की जगह मलेशिया भेजने का आरोप
राकेश का आरोप है कि काफी समय तक टालमटोल करने के बाद 29 जून 2026 को अमरनाथ और मन्जेश उन्हें तथा उनके मित्र को कोलकाता एयरपोर्ट ले गए। वहां उनका सहयोगी अल्ताफ गाजी मिला। रूस भेजने के बजाय दोनों को मलेशिया का टूरिस्ट वीजा और टिकट देकर वहां भेज दिया गया।
पीड़ित के मुताबिक, मलेशिया पहुंचने पर एक बांग्लादेशी व्यक्ति ने कथित तौर पर दोनों का पासपोर्ट छीन लिया और उन्हें जबरन नाले में उतरकर सफाई करने को कहा। विरोध करने पर उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर मारपीट की। किसी तरह पासपोर्ट वापस मिलने के बाद दोनों भारत लौटे।
रुपये मांगने पर धमकी देने का आरोप
राकेश के अनुसार, 15 जुलाई को वह अपने मित्र के साथ चौरीचौरा स्थित कार्यालय पहुंचे और आरोपियों से रुपये वापस मांगे। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी देते हुए रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने अमरनाथ यादव पुत्र वीरेंद्र यादव निवासी अकटहिया उर्फ मटियरी थाना रुद्रपुर और अल्ताफ गाजी निवासी साउथ 24 परगना, पश्चिम बंगाल और अमर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 115(2), 352 और 191(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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