भाजपा सांसद संबित पात्रा का व्हाट्सऐप हैक, ठग ने लोगों से मांगे पैसे; सांसद ने जारी की चेतावनी
भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने जानकारी दी है कि उनका संदेश सेवा खाता हैक कर लिया गया है। अपराधी उनके नाम से लोगों को तत्काल धन भेजने वाले फर्जी संदेश भेज रहे हैं। सांसद ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने, किसी भी आर्थिक मांग पर विश्वास न करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 जुलाई 2026
देश में बढ़ते साइबर अपराध के बीच भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद संबित पात्रा भी ठगी का शिकार हो गए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से जानकारी दी कि उनका संदेश सेवा खाता हैक कर लिया गया है और उसके माध्यम से उनके परिचितों तथा अन्य लोगों को फर्जी संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में तत्काल धन भेजने की मांग की जा रही है। सांसद ने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी संदेश का उनसे कोई संबंध नहीं है और लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है।संबित पात्रा ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिली, उन्होंने अपने आधिकारिक माध्यमों से लोगों को चेतावनी देना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को उनके नाम से धन की मांग करने वाला कोई संदेश प्राप्त होता है, तो उसे तुरंत फर्जी मानना चाहिए और किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
धन भेजने के नाम पर लोगों को बनाया जा रहा निशाना
सांसद के अनुसार साइबर ठग उनके संदेश सेवा खाते का उपयोग करके अनेक लोगों को संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में लिखा जा रहा है कि अत्यंत आवश्यक स्थिति है और तत्काल धन भेजने की जरूरत है। इस प्रकार के संदेशों का उद्देश्य लोगों की भावनाओं का लाभ उठाकर उनसे धन ठगना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा किसी भी व्यक्ति से इस प्रकार की कोई आर्थिक सहायता नहीं मांगी गई है।उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि उनके नाम या उनके दूरभाष क्रमांक से किसी भी प्रकार का संदिग्ध संदेश प्राप्त हो, तो उसकी सत्यता की पुष्टि किए बिना किसी भी प्रकार का भुगतान न करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों को दी गई सूचना
संबित पात्रा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने ओडिशा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद साइबर अपराध से जुड़ी विशेषज्ञ टीमों ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अपराधियों ने किस माध्यम से खाते तक पहुंच बनाई और किस तकनीक का उपयोग कर लोगों को निशाना बनाया।उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियां उनके संदेश सेवा खाते को सुरक्षित रूप से दोबारा उनके नियंत्रण में लाने के लिए आवश्यक तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। साथ ही अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की दिशा में भी जांच जारी है।
जब तक खाता सुरक्षित न हो, किसी भी संदेश पर न करें विश्वास
सांसद ने लोगों से अपील की है कि जब तक उनका संदेश सेवा खाता पूरी तरह सुरक्षित होकर वापस उनके नियंत्रण में नहीं आ जाता, तब तक उनके क्रमांक से आने वाले किसी भी संदेश या आग्रह पर विश्वास न करें। विशेष रूप से यदि कोई धन भेजने, बैंक संबंधी जानकारी देने या किसी गोपनीय जानकारी की मांग करे, तो तत्काल सतर्क हो जाएं।उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर किसी परिचित या प्रसिद्ध व्यक्ति की पहचान का उपयोग करके लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति से किसी अन्य माध्यम से पुष्टि करना अत्यंत आवश्यक है।
लगातार बढ़ रहे हैं साइबर अपराध के मामले
पिछले कुछ वर्षों में देशभर में साइबर ठगी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अपराधी अब केवल सामान्य नागरिकों को ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रसिद्ध व्यक्तियों के खातों को भी निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों में खाते पर नियंत्रण प्राप्त करने के बाद संपर्क सूची में मौजूद लोगों को फर्जी संदेश भेजकर धन ऐंठने का प्रयास किया जाता है।साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि दो स्तर की सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग, किसी भी संदिग्ध कड़ी पर क्लिक करने से बचना तथा समय-समय पर सुरक्षा संबंधी जानकारी को अद्यतन रखना इस प्रकार की घटनाओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लोगों के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां
यदि किसी परिचित के नाम से अचानक धन मांगने वाला संदेश प्राप्त हो, तो तुरंत उस व्यक्ति से किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। किसी भी परिस्थिति में केवल संदेश के आधार पर धन का लेन-देन न करें। अपने बैंक संबंधी विवरण, गोपनीय संकेतांक या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।यदि कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उसकी सूचना तुरंत साइबर अपराध सहायता सेवा या निकटतम पुलिस थाने में दें। समय पर शिकायत करने से अपराधियों तक पहुंचने और अन्य लोगों को ठगी से बचाने में सहायता मिल सकती है।