सड़क पर पटाखे जलाने वालों पर रहेगी नजर:आवागमन बाधित हुआ तो होगी कार्रवाई, क्राइम मीटिंग में कसे गए थानेदारों के पेच
प्रयागराज में दीपावली पर बाजारों में उमड़ने वाली भीड़, पटाखों की दुकानों और सड़कों पर होने वाली आतिशबाजी को लेकर पुलिस अलर्ट पर रहेगी। त्योहार के दौरान सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर भी नजर रखी जाएगी। सड़क पर पटाखे चलाने और आवागमन बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, तेज आवाज में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने वालों पर भी पुलिस शिकंजा कसेगी। सोमवार रात पुलिस आयुक्त ने रिजर्व पुलिस लाइन्स के त्रिवेणी सभागार में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए। क्राइम मीटिंग में त्योहार की सुरक्षा के साथ ही अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। पटाखों की दुकानों और भंडारण स्थलों का होगा निरीक्षण दीपावली को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने को कहा गया। पटाखों की दुकानों और उनके भंडारण स्थलों का निरीक्षण कर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक रास्तों पर पटाखे चलाने से होने वाले हादसों और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए भी जरूरी कदम उठाने को कहा गया। सड़क पर काम करने वाले गैराज और दुकानों पर भी नजर शहर में जाम की समस्या को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने सख्ती के निर्देश दिए। कार एसेसरीज की दुकानों, गैराज और मैकेनिकों की ओर से सड़क पर वाहन खड़े कर काम करने से यातायात बाधित होता है। ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। बाजारों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए आईसीसीसी के माध्यम से वाहनों की निगरानी करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिकायतकर्ता से फोन पर पूछेंगे, समाधान हुआ या नहीं जनसुनवाई की व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। थानों और पुलिस कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के साथ शालीनता से पेश आने और उनकी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। खास बात यह है कि सहायक पुलिस आयुक्त शिकायतों की जांच के बाद संबंधित फरियादियों को फोन कर यह भी पता करेंगे कि कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं या नहीं। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का भी तय समय में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने को कहा गया। 60 और 90 दिन वाली विवेचनाओं को प्राथमिकता लंबित आपराधिक मामलों के जल्द खुलासे और विवेचनाओं को समय से पूरा करने पर भी जोर दिया गया। खासतौर पर 60 और 90 दिन की समय-सीमा वाली विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। इसके बलावा थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने और साइबर अपराध के पीड़ितों को समय से मदद उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डॉ. अजयपाल शर्मा, डीसीपी नगर सागर जैन, डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार, डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव के अलावा डीसीपी मुख्यालय, यातायात और अपराध समेत सभी एसीपी, थाना प्रभारी और विभिन्न पुलिस शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
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